श्री कुमावत समाज तखतगढ के प्रवासियों का मुंबई मे पहली बार स्नेह मिलन समारोह आयोजित
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
सरियादे माता री घणी मेहर सा, एतो प्रजापति रे देखो लीला लहर सा
श्री कुमावत समाज तखतगढ के प्रवासियों का मुंबई मे पहली बार स्नेह मिलन समारोह आयोजित
तखतगढ 5 अप्रैल (खीमाराम मेवाडा) अपनी जन्मभूमि को छोड़कर कर्म भूमि मुंबई तक पहुंच अपना व्यवसाय बढ़ाकर समाज के अनमोल रत्नों ने अपना अनुभव और सर्वोच्च , मुल्यवान समय अर्पित कर कुमावत समाज तखतगढ़ के समाजसेवीयों ने आज राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र प्रान्त में रविवार को प्रथम बार कुमावत समाज तखतगढ के नाम का परचम लहराने हुए राजस्थानी लोक संस्कृति की अहम पहचान बनाने की भूमिका निभाई है।
रविवार को ठाकुर पॉलिटेक्निक के पास 90 फीट रोड, आशा नगर कांदिवली (पूर्व) मुम्बई स्थित ठाकुर कॉम्पलेक्स के निर्मला हॉल मे कुमावत समाज तखतगढ़ मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में दोपहर 3 बजे पहली बार आयोजित हुए विशाल स्नेह मिलन समारोह के दौरान उपस्थित समाज बंधुओ ने चुनरी सफा सहित राजस्थानी परिधानों में सज धज कर राजस्थानी लोक संस्कृति की अहम पहचान बनाई है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की तस्वीर के आगे दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान मशहूर जादूगर द्वारा मैजिक शो पेश करते हुए भिन्न-भिन्न प्रकार के जादू दिखाकर नन्हे मुन्ने बच्चों का दिल जीत लिया। साथ ही राजस्थान के प्रख्यात कलाकारो द्वारा मनोरंजन की झलक से और कोई गदगद होते नजर आए।
राजस्थानी लोक संस्कृति की मिसाल बने भाई बहन
मुंबई महानगरी में पहली बार आयोजित हुए स्नेहाम मिलन समारोह के अवसर पर राजस्थानी लोक संस्कृति के प्रख्यात भाई बहन की जोडी एक्टर मधुसुधन और नीलम कुमावत द्वारा मां सरिया देवी की जय घोष के साथ ” सरियादे माता री घणी मेहर सा, एतो प्रजापति रे देखो लीला लहर सा” जैसे एक से बढ़कर एक लोकगीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां देखकर आध्यात्मिक मिसाल पेश की कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अथितियो एव भामाशाहो, उच्च स्तरीय शिक्षित प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। तत्पश्चात सामूहिक भोजन प्रसादी के आयोजन के बाद राजस्थानी संस्कृति मारवाडी ढोल थाली के साथ नृत्य से समापन हुआ।
यह यह उपस्थित
कार्यक्रम के अवसर पर कुमावत समाज तखतगढ़ मुंबई के मोहनलाल पाडीवा,हीरालाल टाक,भगाराम रामीणा,हितेश रामीणा,उम्मेदमल चांदीरा,पारस रोटांगण,रिकबचंद चांदोरा,ताराचंद चांदोरा,हंसराज टाक,गोपाल रामीणा, रुपेश पोनेसा,अशोक चांदोरा,जीतू मेवाडा,रमेश चांदोरा, किशनलाल डाबी,आदेश पोनेसा,
रतनलाल बागरेसा,हंसराज रोटांगण,
सुरेश चांदोरा सहित पुरी टीम ने आयोजन को सफल बनाया है।



