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बांसवाडा-बांसवाड़ा. जिले के कुशलकोट गांव में उस समय गहरा शोक छा गया, जब रोजी-रोटी कमाने कुवैत गए एक पिता के अचानक निधन की खबर सामने आई। महज दो महीने बाद घर में बेटी के हाथ पीले होने थे और शादी की तैयारियां चल ही रही थीं, लेकिन शहनाइयों की गूंज से पहले ही घर में मातम छा गया। 40 साल के दिनेश प्रजापत पुत्र जीवा प्रजापत का कुवैत में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से निधन हो गया।
शुक्रवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो हर किसी की आंखें नम हो गईंसीने में उठा था हल्का दर्द
परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश कुवैत में रहकर काम करते थे। पिछले बुधवार सुबह उनके सीने में अचानक हल्का दर्द महसूस हुआ। इसके बाद उनके साथी उन्हें तुरंत नजदीकी एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ। यह खबर जैसे ही गांव में उनके परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दो दिन की भागदौड़ के बाद कुवैत से घर पहुंचा शव
हादसे के बाद कुवैत में रहने वाले समाज के लोगों ने काफी मदद की। उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा और सारी कागजी कार्रवाई पूरी करवाई। समाज के लोगों की लगातार दौड़-धूप के चलते महज दो दिन के अंदर दिनेश का शव भारत लाया जा सका। शुक्रवार को शव उनके पैतृक गांव कुशलकोट लाया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।घर में अकेले थे कमाने वाले
दिनेश अपने पूरे परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स थे। उन्हीं की कमाई से घर का सारा खर्च चलता था। उनकी एक 18 साल की बेटी है, जिसकी दो महीने बाद शादी तय थी, और एक 12 साल का छोटा बेटा है। घर के मुखिया का साया अचानक सिर से उठ जाने की वजह से परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गया है। शादी के माहौल में अचानक हुए इस हादसे को लेकर पूरे गांव में गहरा दुख और आने वाले कल को लेकर बड़ी चिंता का माहौल है।




