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खीमाराम मेवाडा
सुमेरपूर की बेटी तमन्ना ने मेहनत और हुनर से लेखन की दुनिया में बढ़ाया कदम, Journey of the Love Life’ पुस्तक लिखकर बनाई पहचान,अग्रवाल समाज ने किया सम्मानित
सुमेरपुर। प्रतिभा किसी उम्र, परिचय या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के बल पर अपने सपनों को साकार किया जा सकता है। इसी सोच को साकार करते हुए सुमेरपुर की बेटी तमन्ना अग्रवाल ने लेखन के क्षेत्र में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया है।
संगीता नारायणलाल अग्रवाल की पुत्री तमन्ना ने कई महीनों की मेहनत, कल्पनाशीलता और अपनी सूझबूझ के बल पर 32 पृष्ठों की पुस्तक तैयार की है। उनकी पुस्तक ‘Journey of the Love Life’ करीब दो महीने पहले प्रकाशित हुई थी। अपनी सोच और विचारों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने की इस पहल के जरिए तमन्ना ने लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।तमन्ना की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि पुस्तक तैयार करने के लिए उन्होंने लंबे समय तक अपने विचारों और रचनात्मक क्षमता पर काम किया। उनकी पुस्तक को राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के पाठकों का प्रतिसाद मिल रहा है तथा ऑनलाइन माध्यम से लोग इसे खरीद रहे हैं। एक बेटी का अपनी कल्पनाओं को पुस्तक का रूप देना और उसे पाठकों तक पहुंचाना उसकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर अग्रवाल समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में तमन्ना की इस उपलब्धि को सराहा गया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनका स्वागत कर सम्मानित किया गया। समाज की ओर से मिला यह सम्मान उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ ही अन्य युवाओं और बेटियों को भी अपने हुनर को निखारने तथा नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला है।
*बेटियों को मिले प्रोत्साहन तो सपनों को मिलती है उड़ान*
तमन्ना अग्रवाल की यह उपलब्धि इस बात का संदेश देती है कि सफलता की शुरुआत किसी बड़े मंच या संसाधन से नहीं, बल्कि एक विचार और उसे साकार करने के संकल्प से होती है। जब बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, विचारों को अभिव्यक्त करने और नए प्रयोग करने का अवसर मिलता है, तो वे अपनी मेहनत से परिवार और समाज का गौरव बढ़ा सकती हैं। आज के दौर में जहां युवा अपनी पहचान बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में प्रयास कर रहे हैं, वहीं तमन्ना की लेखन यात्रा यह प्रेरणा देती है कि अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उस पर निरंतर काम करना जरूरी है। उनका प्रयास उन बेटियों और युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है, जो कुछ नया करने का सपना देखते हैं, लेकिन शुरुआत करने से हिचकिचाते हैं।





