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पाली-पाली के पोक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने और उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने के मामले में 20 वर्षीय आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। आरोपी ने मोबाइल पर बातचीत के जरिए नाबालिग को अपने प्रेमजाल में फंसाया था और उसे घर से भगाकर ले गया था।
देर रात घर से निकली थी नाबालिगविशिष्ट लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया कि 23 अगस्त 2026 को नाबालिग के पिता ने थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि उनकी बेटी 22 अगस्त की देर रात घर से बिना बताए निकल गई। परिजनों को आशंका थी कि कोई उसे बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से भगा ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और नाबालिग को ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने उसे भगाकर ले जाने के मामले में 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया।
मेडिकल में गर्भवती मिली नाबालिग
पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल करवाया तो वह गर्भवती मिली। जांच में सामने आया कि आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था। कोर्ट के आदेश पर नाबालिग का गर्भ गिराया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल पर नाबालिग से बातचीत करता था और इसी दौरान उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर भगाकर ले गया था।
गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला
मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और गवाहों के बयान पूरे होने के बाद पोक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 5 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने 20 वर्षीय अभियुक्त को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।





