PALI SIROHI ONLINE
रेवदर, सिरोही-रेवदर उपखण्ड के बापुड़ा गांव में युवक दलाराम देवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मंगलवार को पुलिस और परिजनों के बीच सहमति बन गई। पुलिस प्रशासन द्वारा 10 दिन के भीतर घटना का खुलासा करने के आश्वासन के बाद परिजनों ने 27 घंटे बाद अनादरा अस्पताल की मॉर्च्यूरी से शव उठा लिया। इसके बाद दोपहर को में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
10 दिन में खुलासे पर बनी सहमति
मंगलवार सुबह अनादरा अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए देवासी समाज के हजारों लोग एकत्र हो गए। परिजनों और समाजबंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस उप अधीक्षक अशोक आंजना, अनादरा थानाधिकारी अमराराम सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर चला। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया कि आगामी 10 दिनों के भीतर इस संदिग्ध मौत के मामले का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा। इस पुख्ता आश्वासन के बाद ही परिजन माने और शव उठाने पर सहमति बनी।
यह था पूरा मामला
बापुड़ा निवासी दलाराम (36) पुत्र जगमालाराम देवासी का शव सोमवार सुबह उनके घर के आंगन में खून से लथपथ मिला था। मृतक के भाई ने रिपोर्ट देकर संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई थी और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की माँग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया था।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य
सोमवार को पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम और जोधपुर से डॉग स्क्वायड को भी बुलाया था, जिन्होंने घटनास्थल और आसपास के इलाके का बारीकी से मुआयना किया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव मोर्चरी में रखवा दिया गया था, जिसे मंगलवार को सहमति बनने के बाद परिजनों को सौंपा गया।




