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बाली उपखण्ड के बेड़ा गाव में विगत कई दिनों से लोड सेटिंग के नाम पर बेड़ा में हो रही बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीण लामबंद हुए ओर 133 केवी कार्यालय पहुंचकर बिजली कटौती बंद करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि बेड़ा उपतहसील मुख्यालय होने के साथ यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित है। इसके अलावा बेड़ा जवाई क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी प्रमुख क्षेत्र है और यहां करीब 12 हजार की आबादी निवास करती है। इसके बावजूद डिस्कॉम की ओर से बेड़ा को ग्रामीण क्षेत्र मानते हुए लोड सेटिंग के नाम पर रात्रिकालीन बिजली कटौती की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बेड़ा से महज करीब 7 किलोमीटर दूर भाटूंद और बीजापुर क्षेत्र में लोड सेटिंग के नाम पर इस तरह की बिजली कटौती नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने डिस्कॉम अधिकारियों से सवाल किया कि जब आसपास के क्षेत्रों में कटौती नहीं हो रही है तो बेड़ा में ही बार-बार बिजली कटौती क्यों की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से रात के समय अघोषित बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बंद होने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। वहीं गर्मी और अंधेरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि रात के समय जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की कि बेड़ा को उसकी आबादी, प्रशासनिक स्थिति और यहां उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए शहरी क्षेत्र से जोड़ा जाए तथा लोड सेटिंग के नाम पर की जा रही रात्रिकालीन बिजली कटौती से राहत दी जाए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन कनिष्ठ अभियंता अरविंद शर्मा को सौंपा।
ज्ञापन देने के दौरान पूर्व प्रधान कपूराराम मेघवाल, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष हीराराम घांची, राजेंद्र सिंह, श्यामसुंदर राव, परबत सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रवण सिंह, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह सिंधल, मुकेश वैष्णव, देवीसिंह, दलपत सिंह यादव, सुरेश एवं गिरीश कुमार सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

