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सिरोही-सिरोही में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया, जिसमें जनगणना-2027 में ओबीसी के लिए अलग कॉलम और कोड-आधारित गिनती की मांग की गई है। एडवोकेट सुन्दर लाल मोसलपुरिया, जिला संयोजक बहुजन क्रांति मोर्चा ने इसकी जानकारी दी।
मोर्चा ने केंद्र सरकार द्वारा जाति-वार जनगणना के निर्णय का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहले चरणमें ओबीसी का अलग कॉलम नहीं देना और दूसरे चरण की प्रश्नावली में ओबीसी के लिए कोई निश्चित विकल्प नहीं देकर ‘ओपन कॉलम’ व्यवस्था रखना ओबीसी के साथ धोखा है।
आंदोलन की दी चेतावनी
ज्ञापन में 2011 की जनगणना का हवाला दिया गया, जिसमें इसी तरह ‘ओपन पद्धति’ से डेटा कलेक्शन हुआ था। उस समय 46.7 लाख जातियां दर्ज हुई थीं, और सरकार ने भ्रमित करने वाले आंकड़े बताकर उसे जारी करने से इनकार कर दिया था।
मोर्चा की मुख्य मांग है कि एससी-एसटी जनगणना की तरह ही ओबीसी और अन्य सभी जातियों के लिए भी मानकीकृत, वैज्ञानिक और कोड-आधारित प्रणाली लागू की जाए। इससे सही और सटीक आंकड़े दर्ज हो सकेंगे।
इस मांग को लेकर एडवोकेट सुन्दर लाल मोसलपुरिया, एडवोकेट दशरथ सिंह आढ़ा (राजस्थान प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा), नरेन्द्र सिंह पाल सिंह राव (जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा सिरोही), मोहन लाल मीणा (जिला अध्यक्ष आदिवासी एकता परिषद सिरोही) और अशोक कुमार लुहार (RPVM) सहित कई नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

