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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़-फंदे पर लटकता मिला 10 वर्षीय बालक की हत्या या आत्महत्या.
मांगै को लेकर दुसरे दिन भी परिजनो के साथ सर्वसमाज का धरना जारी,साण्डेराव, सुमेरपुर सदर थाना पुलिस जाप्ता तैनात,
तीसरे दौर की दो घण्टे चली वार्ता 28 घंटो बाद प्रशासन व परिजनो के बिच बनी सहमति उठाया शव
एक सप्ताह मे निष्पक्ष जांच नही होने पर महापड़ाव की दी चेतावनी
तखतगढ़ 27 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) रविवार की सुबह तखतगढ कस्बे की महावीर बस्ती स्थित संतोषी नगर के सामने वाली गली मे 10 वर्षीय बालक के मकान के दरवाजे के वेंटिलेशन जाली पर फंदे से लटकता मिलने के मामले मे सोमवार दुसरे दिन भी पुलिस थाने के बाहर अपनी मांगो को लेकर परिजनो के साथ सर्वसमाज का धरना जारी रहा।
सुबह से ही थाने के बाहर भीड इकट्ठी होते देख कार्यपाल मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार जितेंद्र बबेरवाल एव साण्डेराव व सुमेरपुर सदर थाना पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात कर दिया गया। दरम्यान नायब तहसीलदार जितेंद्र बबेरवाल व थाना निरिक्षक शेतानसिह के साथ परिजनो व सर्वसमाज के बिच दो बार समझाइश मे दोपीयो को कडी सजा, मामले की निष्पक्ष जांच कर पीडित परिवार को नयाय दिलाना, और पीडित को जितनी भी सरकारी योजनाओ दायरे मे आने वाली सभी योजनाओ से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को मान ने की वार्ता का दौर भी विफल रहा।बाद दिन मे कई समजसेवीयो द्वारा काफी समझाइश का दौर भी विफल रहा। और परिजन हर वार्ता मे नई नई मांग करता रहा। आखिर 2.30 बजे सीओ जितेंद्र सिंह राठौड सुमेरपुर तखतगढ पहुचे।
प्रशासन परिजन और सर्वसमाज के बिच दो घण्टे समझाइश दौर मे 28 घण्टे बाद बनी सहमति
दोपहर बाद 3 बजे सीओ जितेंद्रसिंह, नायक तहसीलदार जितेंद्र बेरवाल, सदर थाना अधिकारी भगाराम मीणा, शेतानसिह चारण, मृतक के परिजन और सर्वसमाज के बिच दो घण्टे तक समझाइश का दौर चला। साथ ही प्रशासनिक अधिकारीयो ने थाने से बाहर धरनार्थीयो के बिच पहुच कर उनकी सभी मांगो को स्वीकार करतै हुए सीओ जितेंद्र सिंह ने कहा की हमने इस मामले को अति गंभीरता से लिया ।आपकी मांग के अनुसार दो डॉक्टर से पोस्टमार्टम करवाकर कर विसरा सैंपल भी जांच के लिए रिपोर्ट भेज दी। मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आने पर जो भी खुलासा होगा। उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषीयो पर कार्यवाई होगी। नायब तहसीलदार जितेन्द्र बबेरवाल ने कहा जो भी सरकारी योजनाओ मे मिलने वाली योजनाओ का पिडीत परिवार को आर्थीक सहायता दिलाने के आश्वासन के बाद सहमति बनी और 4.45 बजे 28 घणटो बाद परिजनो एव सर्वसमाज के लोगो द्वारा एक सप्ताह का प्रशासन को समय देकर शव उठाने मे सहमत हुए। एक सप्ताह मे निष्पक्ष जांच नहीं होने पर महाप्रडाव की चेतावनी दी है। बाद पुलिस द्वारा ऐंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को परिजन के साथ पैतृक गांव मादडी के लिए रवाना किया।
मृतक के पिता की यह है रिपोर्ट
घटना को लेकर हत्या का संदेह जताने पर दोपहर बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और मृतक के पिता भंवरलाल पुत्र सोनाराम निवासी महावीर बस्ती ने हत्या के संदेह जताते हुए थाना अधिकारी को नामजद रिपोर्ट पेश कर अवगत कराया की रविवार को रोजाना की भांति सुबह मैं व मेरी पत्नि ललितादेवी दोनो दम्पति कमठा काम पर मजदूरी पर हमारे घर के बाहर के दरवाजे की कडी लगाकर गये थे, मेरे घर पर मेरे तीनो नाबालिग बच्चे जिसमे लडका विशाल, लडकी चंचल, लडका मयंक (उम्र कमश: 12, 09, 04 वर्ष) घर पर मौजुद थे।
हमारे कमठा काम पर जाने के बाद वक्त सुबह के करीब 9:40 बजे मुझे फोन पर गली के लोगो ने मेरे बडे नाबालिग लडके विशाल के फांसी के फंदे पर लटकते होने की सूचना दी, जिस पर मैं, मेरी पत्नि दोनो घर आये तो मेरी लडकी चंचल ने मुझे बताया कि हम तीनो भाई-बहन छत पर खेल रहे थे तब मैया विशाल मकान की छत से नीचे पानी पीने के लिए गया था, काफी देर तक भैया वापस छत पर हमारे साथ खेलने नहीं लौटा तो मैं भी नीचे पानी पीने के लिए गई तो ज्योहि सिढीयो से नीचे उतर रही थी तो हमारे पडौसी ललित, राजु पुत्रगण भेराराम खटीक राजू ने भैया विशाल का जोर से मुंह दबा रखा था। और राजू जो कि भैया विशाल का जोर से गला दबा रहा था यह देख मेरी बच्ची चंचल घबरा गई ओर छत पर वापस आ गई। थोडी देर बाद चंचल वापस छत से नीचे आई तो राजू, ललित पुत्रगण भेराराम मेरे घर के मैन दरवाजे से बाहर निकल रहे थे और विशाल सामने कमरे के दरवाजे के वेन्टीलेटर पर रस्से के फंदे पर लटक रहा था. यह बात मेरी लडकी चंचल ने मुझे बताई। इस प्रकार मेरी नाबालिग बच्ची चंचल के आंखो देखे व मुझे बताये अनुसार राजू ललित पुत्रगण भेराराम जो मेरे से रंजिश रखते है। हमारे बीच बोलचाल काफी समय से बन्द है
इन्होने मेरे मौका पाकर मेरे घर आकर बडे नाबालिग लडके विशाल का गला दबाया, जिससे मेरे लडके विशाल की मृत्यू हो गई। मुझे पूर्ण संदेह है कि राजू ललित पुत्रगण भेराराम ने हमारी गैर मौजुदगी के अवसर का लाभ उठाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से मेरे पुत्र विशाल के शव को फंदे से लटका दिया। मुझे पुरा विश्वास है कि मेरे पुत्र विशाल की मृत्यु स्वाभाविक अथवा आत्महत्या (फंदे पर लटकने से) नही हुई है बल्कि पहले राजू ललित पुत्रगण भेराराम खटीक द्वारा गला दबाकर उसकी हत्या की गई तथा बाद मे साक्ष्य मिटाने एवं पुलिस का गुमरा करने के उद्देश्य से शव को फंदे पर लडका दिया गया।
जिस कि निष्पक्ष जांच करवाई जाए, घटना स्थल के सभी भौतिक साक्ष्य सुरक्षित किए जाए, मेरी नाबालिक बच्ची चंचल के बयान पर बाल संरक्षण कानून के अनुरूप दर्ज किए जाए तथा साक्ष्यो के आधार पर दोषी व्यक्तियो के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाए।



