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पाली जिले के सोजत क्षेत्र के खामल गांव निवासी एक युवक की आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार को जब दुकान मालिक युवक का शव लेकर गांव लौट रहा था, तब परिजनों और रिश्तेदारों ने मारवाड़ जंक्शन में एंबुलेंस रोककर हंगामा कर दिया। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
सोजत डीएसपी रतनाराम देवासी ने बताया कि मृतक कीपहचान खामल गांव निवासी 30 वर्षीय सूरजाराम पुत्र ढगलाराम गाड़िया लोहार के रूप में हुई है। सूरजाराम गांव के ही राजूराम पालीवाल की मिठाई की दुकान पर काम करता था। कुछ दिन पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी की शिकायत हुई। इसके बाद दुकानदार उसे इलाज के लिए आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गया। वहां तीन दिन तक इलाज चलने के बाद 20 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
परिजनों के कहने पर नहीं कराया गया पोस्टमार्टम
पुलिस के अनुसार, मौत के बाद शव को राजामुंदरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थानीय पुलिस भी पहुंची। उस समय परिजनों ने फोन पर आंध्र प्रदेश पुलिस से पोस्टमार्टम नहीं कराने और शव को सीधे एंबुलेंस से गांव भेजने का अनुरोध किया था। इसके बाद दुकान मालिक शव लेकर राजस्थान के लिए रवाना हो गया।
मारवाड़ जंक्शन पर रोकी एंबुलेंस, जांच की उठाई मांग
जैसे ही परिजनों को शव के गांव के पास पहुंचने की सूचना मिली, वे अपने रिश्तेदारों के साथ मारवाड़ जंक्शन पहुंच गए। यहां उन्होंने एंबुलेंस को रोक लिया और युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मारवाड़ जंक्शन थानाधिकारी सहदेव चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए सोजत डीएसपी रतनाराम देवासी, शिवपुरा थाना अधिकारी दाऊद खान और सोजत रोड थाना अधिकारी कमला लोहार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि मामला मारवाड़ में ही दर्ज किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि घटना आंध्र प्रदेश में हुई है, इसलिए नियमित एफआईआर वहीं दर्ज होगी। हालांकि, परिजनों की मांग को देखते हुए पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज करने पर सहमति जताई, जिसे आगे संबंधित थाने में भेजा जाएगा।
सहमति बनने के बाद शव लेकर गांव रवाना हुए
काफी देर तक चली बातचीत और हंगामे के बाद दुकान मालिक राजूराम और मृतक के परिजनों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को एंबुलेंस से लेकर खामल गांव के लिए रवाना हो गए।

