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सिरोही-सिरोही जिले के जावाल कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की सालों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत ₹10.17 करोड़ की जावाल जल योजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ कार्यादेश जारी कर दिया गया है।योजना के तहत 33.25 किलोमीटर नई पाइपलाइन, 5 नए नलकूप, 2 उच्च जलाशय और 1074 नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके पूरा होने पर जल उत्पादन 700 KLD से बढ़कर 1979 KLD हो जाएगा और साल 2055 तक की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने का दावा किया गया है।
वर्तमान स्थितिः बढ़ती आबादी से बढ़ा पानी का संकट
साल 2011 की जनगणना के अनुसार जावाल की आबादी 10,293 थी, जो अब बढ़कर करीब 13,360 हो चुकी है। इसके चलते कस्बे में प्रतिदिन 935 KLD पानी की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा 8 नलकूपों से केवल 700 KLD पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसी वजह से प्रति व्यक्ति जलापूर्ति का स्तर घटकर 50 LPCD रह गया है।
वर्तमान में कस्बे के 2,225 जल कनेक्शनों को 100 KL, 100 KL और 60 KL क्षमता वाले तीन उच्च जलाशयों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना से बदलेगी पूरी जलापूर्ति व्यवस्था
अमृत 2.0 के तहत जावाल की जलापूर्ति व्यवस्था का व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद जल उत्पादन बढ़कर 1979 KLD हो जाएगा, जिससे साल 2055 की अनुमानित जरूरत पूरी की जा सकेगी।साथ ही जलापूर्ति का स्तर 50 से बढ़कर 70 LPCD हो जाएगा। इसके लिए 5 नए नलकूप, 150 KL और 200 KL क्षमता के दो नए उच्च जलाशय, नया पंप हाउस और आधुनिक जल भंडारण व्यवस्था विकसित की जाएगी।
33.25 किमी नई पाइपलाइन, 1074 घरों तक पहुंचेगा पानी
योजना के तहत नदी के पास बनने वाले नए मुख्य पंप हाउस से जलाशयों तक 7.74 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा कस्बे की पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलते हुए 33.25 किलोमीटर नई वितरण पाइपलाइन डाली जाएगी।
जिन क्षेत्रों में अब तक सरकारी जलापूर्ति नहीं पहुंची है, वहां 1074 नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना में नदी किनारे आधुनिक पंप हाउस, भूमिगत स्वच्छ जलाशय तथा सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण भी शामिल है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहल
जावाल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि ₹10.17 करोड़ की यह योजना जावाल और आसपास के क्षेत्र के लिए आने वाले सालों में वरदान साबित होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर तकस्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। सांसद लुंबाराम चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित, प्रधान हसमुख मेघवाल और उपप्रधान नारायण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जल्द शुरू होगा जमीनी काम
कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिला उपाध्यक्ष छगनलाल घांची के स्वागत भाषण से हुई, जबकि मंडल अध्यक्ष विक्रम माली ने अतिथियों का स्वागत किया।
पीएचईडी अधिकारियों के अनुसार ₹10.17 करोड़ का कार्यादेश जारी होने के बाद सर्वे अंतिम चरण में है और जल्द ही पाइपलाइन तथा जलाशयों के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
योजना पूरी होने पर जावाल के लोगों को लो-प्रेशर, गंदे पानी और वैकल्पिक दिनों में होने वाली जलापूर्ति जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।


