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खीमाराम मेवाडा/पिंटु अग्रवाल
पाली-राज्य व्यापी अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई* पाली में कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक की 21,800 बोतलें जब्त, जांच के लिए 6 नमूने लिए गए*
पाली, 8 जुलाई 2026/
राजस्थान की खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देशन में प्रदेशभर में संचालित “कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक के विरुद्ध विशेष राज्यव्यापी अभियान” के तहत पाली जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न ब्रांडों की 21,800 कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक की बोतलें जब्त की तथा 06 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव एवं सुरेश चन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से महेश ट्रेडिंग कम्पनी, खेरवा रोड, पाली एवं साई दीप एंटरप्राइजेज, औद्योगिक क्षेत्र, रीको, पाली का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, आफ्टर शॉक एनर्जी ड्रिंक, ट्रॉपिकाना फ्रूट्ज एवं कैंपा एनर्जी ड्रिंक सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 21,800 बोतलों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई के लिए जब्त किया गया।
*6 नमूने भेजे जाएंगे जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला*
कार्रवाई के दौरान संबंधित उत्पादों के 06 नमूने राज्यव्यापी विशेष अभियान के अंतर्गत जांच हेतु लिए गए हैं, जिन्हें जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*लेबल पर चेतावनी और कैफीन की जानकारी अनिवार्य*
अभिहित अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक के लेबल पर निर्धारित चेतावनी, कैफीन की मात्रा तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य किया गया है। इन निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से पूरे राज्य में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है तथा पाली जिले में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों पर लगातार निरीक्षण एवं सघन जांच की जा रही है।
*संवेदनशील वर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव*
उन्होंने बताया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए ऐसे उत्पादों पर निर्धारित चेतावनी एवं आवश्यक जानकारी का स्पष्ट अंकन उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
*उल्लंघन मिलने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई*
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की सुरक्षा के लिए यह विशेष अभियान आगामी दिनों में भी जिलेभर में निरंतर जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव, सुरेश चन्द्र शर्मा तथा ऑपरेटर ओम प्रकाश प्रजापत उपस्थित रहे।

