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सांचौर-सांचौर के चितलवाना उपखंड में पिछले 18 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। बाड़मेर के धोरीमना 220 केवी जीएसएस से आने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट के कारण पांच जीएसएस से जुड़े 35 से अधिक गांवों में बिजली नहीं है। इससे लगभग 20 हजार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
33 केवी लाइन से जुड़े 8 जीएसएस
धोरीमना जीएसएस से सुराचंद जीएसएस तक 33 केवी
लाइन की लंबाई 100 किलोमीटर से अधिक है। इस लाइन से प्रतापनगर, आलमसरिया, चेनपुरा, चिंबड़ावास, टांपी, डूंगरी, बेड़िया और सुराचंद सहित कुल आठ जीएसएस जुड़े हैं। यह लाइन लगभग 34 वर्ष पुरानी और काफी लंबी है, जिसके कारण हल्की बारिश या आंधी में अक्सर फॉल्ट आ जाता है।
नेहड़ क्षेत्र में बबूल की झाड़ियों के कारण फॉल्ट ढूंढने में घंटों, और कभी-कभी कई दिन भी लग जाते हैं। डिस्कॉम कर्मचारियों के मुताबिक, लाइन में लगे इंसुलेटर और अन्य उपकरण भी पुराने हो चुके हैं, जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए टांपी, डूंगरी और सुराचंद जीएसएस को काछेला 132 केवी जीएसएस से जोड़ने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, इस पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीण बोले-लंबे समय से समाधान नहीं
भारतीय किसान संघ चितलवाना के अध्यक्ष जोगाराम पंचार ने बताया कि लंबे समय से ज्ञापन देने के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बीती रात आंधी के साथ हुई हल्की बारिश के कारण 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया था। डिस्कॉम के कर्मचारी सुबह से इसे ठीक करने में जुटे हैं, लेकिन शाम 6 बजे तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
