नाली सड़क नहीं बनी तो जनप्रतिनिधि पर डालेंगे यही कीचड़, युवाओं ने नाली में लोटकर लगाये नारे

PALI SIROHI ONLINE

भीलवाड़ा-गांव में पक्की नालियां और सड़कें न होने के कारण मुख्य रास्तों पर पानी भरा रहता है। सालभर कीचड़ जमा रहने से लोग परेशान हो चुके हैं। कई बार शिकायत की लेकिन हालात नहीं बदले। गांव के युवाओं ने अब विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। उन्होंने नालियों में लेटकर विरोध किया। मामला भीलवाड़ा जिले के मांडल उपखंड के अगरपुरा गांव का है।

अगरपुरा गांव के ग्रामीण नारायण भदाला ने बताया- गांव में सड़कों और नाली का निर्माण नहीं किया गया है। कई बार अधिकारियों और नेताओं को शिकायत कर चुके हैं। किसी ने भी हमारी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। हर बार नेता आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं।

20 से ज्यादा युवा अनूठे प्रदर्शन में हुए शामिल
गांव के 20 से ज्यादा युवाओं ने इस अनूठे प्रदर्शन में हिस्सा लिया। भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद और वंदे मातरम कहते हुए युवा कीचड़ भरी नालियों में लेट गए। लेटे-लेट जमकर नारेबाजी की। इस दौरान गांव की महिलाएं बोल रही थीं- हे राम ये क्या कर रहे हैं, सारे लड़के कीचड़ में लेट गए। कीचड़ में लेटकर युवाओं ने वीडियो भी बनाया।

सड़क पर कीचड़ में लेटे युवाओं के देखने के लिए गांव वालों की भीड़ भी जुट गई। गांव वालों का कहना है कि यह मुख्य रास्ता है। 90 फीसदी गांव वाले इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यहां सालभर कीचड़ रहता है। गांव आबादी 1200 लोगों की है। यह बस्ती 30 साल से है, तभी से नालियां नहीं थीं। इस रास्ते से होकर इलाके का कृषि महाविद्यालय, सरकारी स्कूल पहुंचा जाता है। ऐसे में कई बार स्कूली बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं।

एक दूसरे पर टाल देते हैं नेता
गांव वालों ने बताया- भीलवाड़ा शहर के नजदीक होने के बाद भी गांव में नालियां नहीं हैं, मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। नेता एक दूसरे पर टाल देते हैं। कुछ दिन पहले बच्चों को बाइक पर स्कूल छोड़ने जाते वक्त पिता और बच्चे कीचड़ में गिर गए। गांव की युवक की सगाई के लिए आया एक व्यक्ति भी कीचड़ में फिसल गया और रिश्ता कैंसिल कर गया। हमारी छोटी सी मांग है, यहां नाली और सड़क बन जाए। ऐसा नहीं हुआ तो 7 दिन में बड़ा आंदोलन करेंगे।

हमारी समस्या अगर 7 दिन में नहीं सुलझी तो भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। बर्तनों में यही कीचड़ भरकर ले जाएंगे और कलेक्ट्रेट पर फैला देंगे। सात दिन बाद अगर कोई जनप्रतिनिधि इधर आया तो उस पर भी यही कीचड़ डाल देंगे।

किसी को शर्म आ रही है तो काम कराएं गांव वालों ने कहा- हमें कीचड़ में पड़ा देख अगर किसी जन प्रतिनिधि को शर्म आ रही है तो नाली और सड़क का काम कराए। प्रशासन कहता है कि कीचड़ में मच्छर पनपते हैं। लेकिन प्रशासन ही हमारा काम नहीं करा रहा। यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। हम सरपंच से लेकर सभी जन प्रतिनिधियों को समस्या से अलगत करा चुके हैं लेकिन काम नहीं होता। ग्रामीण नारायण भदाला ने कहा कि सरपंच लाडदेवी आचार्य और सरपंच प्रतिनिधि बालूजी आचार्य से समस्या के बारे बता चुके हैं। यह गांव विधानसभा क्षेत्र मांडल में विधायक उदयलाल भड़ाना और सांसद सुभाष बहेड़िया के अंतर्गत आता है।

हर बार निराशा ही हाथ लगी जिला मुख्यालय से यह गांव महज 13 किलोमीटर की दूरी पर है। अगरपुरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर हर बार अपनी आवाज उठाई मगर हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसके कारण थक-हारकर नाली में लेटने का कदम उठाया। अपनी समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए युवाओं ने यह तरीका अपनाया।

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