तखतगढ़-कैबिनेट मंत्री के ग्रह क्षेत्र में बिजली विभाग की मनमानी का रवैया चरम पर

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाड़ा तखतगढ़

कैबिनेट मंत्री के ग्रह क्षेत्र में बिजली विभाग की मनमानी का रवैया चरम पर

— 2 दिन पूर्व मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को लगाई थी फटकार समस्या का जल्द हो समाधान

— लेकिन अभी भी अधिकारियों की नहीं खुल रही आंखें एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी, नहीं हट रहे झूलते विद्युत तार

तखतगढ 4 फरवरी:(खीमाराम मेवाड़ा) राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुमेरपुर विधायक जोरा राम कुमावत के ग्रह क्षेत्र होने के उपरांत भी इन दिनों बिजली विभाग की मनमानी का रवैया चरम पर देखने को मिल रहा है। जबकि 2 दिन पूर्व ही कैबिनेट मंत्री ने सुमेरपुर मैं ब्लॉक स्तरीय विभागीय अधिकारियों की बैठक फटकार लगाते हुए किसी भी जन समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश के बाद अभी भी अधिकारियों की आंखें नहीं खुल रही और एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने में मशगूल है लेकिन झूलते विद्युत तारो को हटाने की रहमत तक नहीं कर रहे हैं। मामला तखतगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के तालाब की पाल पर बने प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर के जीणोद्वार मैं बाधा बने विद्युत तारों को हटाने का है। मामले को लेकर संवाददाता द्वारा 28 जनवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित के जरिए उजागर करने के बाद भी अब तक विभागीय अधिकारियों की छूट तक नहीं हिली है। खुदा न खस्ता मंदिर जीणोद्वार के लिए हाइड्रो मशीन पत्थरों के उतरते कहीं झूलते तार स्पार्क होकर हादसा हो गया तो हादसो के जिम्मेदार कौन होंगे।

— यह है मामला, तखतगढ़ नगर के तालाब की पाल पर प्राचीन मंदिर श्री शीतला माता मंदिर का इन दोनों जीणोद्वार निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। लेकिन मंदिर जीणोद्वार के लिए हाइड्रो मशीन से रखी जा रही पत्थर की शिला रखने में झूलते विद्युत तार बाधा बन चुके हैं। जहां आए दिन हाइड्रो मशीन से पत्थर की शिला रखते रखते विद्युत तारों से स्पार्क होकर टूट कर कभी भी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। जबकि मंदिर जीणोद्वार से पूर्व मंदिर कमेटी द्वारा झूलते विद्युत तारों को ऊपर उठने के लिए कई बार विद्युत विभाग के सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता से शिकायत करने के बाद मौका निरीक्षण भी किया उपरांत भी कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। लेकिन आज दिन तक ना तो किसी ने केबल डालने की तो किसी ने विद्युत पोल लगाकर लाइन को ऊपर उठने की रहमत नहीं की जिससे प्रत्यक्ष नजारा देखा जा सकता है कि विभाग स्वयं बड़े हादसे इंतजार में है। तखतगढ़ तालाब की पाल पर प्राचीन करीबन 150 सौ साल पुराना शीतला माता मंदिर पूरी तरह डैमेज क्षतिग्रस्त तलत में होने से 5 सितंबर को चारभुजा मंदिर कमेटी की बैठक में शीतला माता ट्रस्ट कमेटी द्वारा मंदिर जिर्णोद्द्वार को लेकर समस्त नगर के समक्ष प्रस्ताव रखा था। और इससे पूर्व मंदिर के सामने ही झूलते विद्युत तारों को हटाने को लेकर नगर वासियों द्वारा विद्युत विभाग को शिकायत भी दर्ज करवा राखी थी। और 29 नवंबर को मूर्ति उत्थापन्न के बाद मंदिर को ध्वस्त कर 4 दिसंबर को नौ शीला का आधार शिलान्यास के बाद मंदिर जिर्णोद्द्वार कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। जहां आए दिन हाइड्रो मशीन द्वारा मंदिर पर पत्थर की शिला रखने में झूलते विद्युत तार पूरी तरह बाधा बन चुके हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। तो आखिर कुंभकरण की नींद में सोया विद्युत विभाग की आंखें कब खुलेगी। मामले को लेकर कनिष्ठ अभियंता से मोबाइल फोन के सरकारी सीम पर बात करने का प्रयास किया लेकिन आउट ऑफ़ कवरेज एरिया बता रहा है।

— इनका कहना है, मंदिर जिर्णोद्द्वार में बाधा बने झूलते तारों को ऊपर उठने के लिए कई बार शिकायत के बाद मौका भी देखा लेकिन वापस अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
— पारस सिंह, सह सचिव- मंदिर जिर्णोद्द्वार कमेटी तखतगढ़

— अधिकारी कहिन, मैंने आज फिर एक बार कनिष्ठ अभियंता को कह दिया है जल्द ही झूलते तारों को ऊपर करवा दिया जाएगा।
— राहुल मीणा, सहायक अभियंता- डिस्काउंट तखतगढ़

फोटो 1 रविवार को पत्थर की शिला रखती हाइड्रो मशीन के पास चुनते विद्युत तार तीर में

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