पाली – धातुओं से निर्मित मांजे के उपयोग पर लगाई रोक, जिला मजिस्ट्रेट ने लगाई रोक,पतंगबाजी का समय भी निर्धारित

PALI SIROHI ONLINE

पिंटु अग्रवाल चामुंडेरी बाली

पाली – धातुओं से निर्मित मांजे के उपयोग पर लगाई रोक, जिला मजिस्ट्रेट ने लगाई रोक, पतंगबाजी का समय भी निर्धारित
पाली। जिले की सीमा में मकर सक्रान्ति पर्व पर पतंगबाजी हेतु धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा प्रयुक्त किया जाने पर जिला मजिस्ट्रेट एलएन मंत्री ने रोक लगाई हैं।

जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर धातुओं निर्मित मांजे पर रोक लगादी हैं। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, जो पतंग के पेच लड़ाने में अधिक कारगर होता है। इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है। इस मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक भी होता है। जिसके उपयोग के दौरान, दुपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्याधिक जान-माल का नुकसान होना सम्भावना रहती है. साथ ही विद्युत सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पंतग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुँचना एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होने की भी संभावना बनी रहती है।

माननीय उच्च न्यायालय राजस्थान खण्डपीठ, जयपुर द्वारा डी.बी. सिविल रिट पिटीशन (पी.
आई.एल) संख्या 15793/2011 महेश अग्रवाल बनाम राज्य एवं अन्य में जारी दिशा निर्देश
22.08.2012 एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा प्रकरण संख्या 384/2016 Khalid Ashraf & Anr. Vs. Union of India & Ors. मे पारित आदेश 14.12.2016 में भी पतंग उड़ाने के लिए इस हानिकारक सामग्री से बने धागे के उपयोग की अनुमति नहीं दी गई है।

इस समस्या व खतरे के निवारण, जन स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं मानव, पशु पक्षियों की जान के
खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने के लिए”धातु निर्मित मांझा” (पंतग उड़ाने के लिये पक्का धागा, नायलोन / प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक / टोक्सीक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो) के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया गया हैं।

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जन स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधारहित बनाएं रखने एवं पक्षियों के लिये बडे पेमाने पर खतरा बन चुके “धातु निर्मित मांझा” (पतंग उड़ाने के लिये पक्का धागा, नायलोन/प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक / टोक्सीक मेटेरियल यथा आईरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो) की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग पाली जिले की राजस्व सीमा /क्षेत्राधिकारिता में निषेध / प्रतिबंधित करने के जिला मजिस्ट्रेट मंत्री ने आदेश जारी किए हैं। साथ ही आमजन के लिए यह भी निषेध किया जाता है कि पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 06.00 से 08.00 बजे तथा सायं 05.00 से 07.00 बजे की समयावधि में पतंगबाजी पर भी प्रतिबंध रहेगा।

च पाली जिले के प्रमुख स्थानों पर आदेश गुरुवार मध्यरात्रि से लागु होकर 20 जनवरी, 2024 तक प्रभावी रहेगा

निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाना पाया जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दोषी व्यक्ति को दण्डित करवाया जा सकेगा।

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