पाली- टीचर बेटियों ने दिया मां की अर्थी को कंधा: बेटियां बोली; मां की अंतिम इच्छा थी सो पूरी की

PALI SIROHI ONLINE

पाली-पाली में तीन बेटियां मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुई और उनकी अर्थी को कंधा देने के साथ ही उनकी बॉडी को मुखाग्नि भी दी। तीनों बेटियां बोली की मां की इच्छा थी। वह महेशा कहती थी कि मेरे बेटे नहीं हुए तो किया हुआ तुम तीनों बेटों से कम नहीं हो। मेरी बॉडी को तुम्हें ही मुखाग्नि देनी है।

दरअसल पाली शहर के इंद्रा कॉलोनी विस्तार में रहने वाली 64 साल की कमलेश देवी पत्नी ओमप्रकाश शर्मा को 13 दिसम्बर को अचानक ब्रेन हेमरेज हो गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए अहमदाबाद के सिम्स हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 22 दिसम्बर को उनकी पाली के इंद्रा कॉलोनी विस्तार स्थित घर से शव यात्रा निकाली गई। जिसे उनकी टीचर बेटी रिंकू (42), विनिता (40) और सीमा (32) ने कंधा दिया। तीनों श्मशान घाट तक शव यात्रा में पैदल चली। फिर हिन्दू सेवा मंडल में अंतिम संस्कार के दौरान तीनों ने मां की बॉडी को मुखाग्नि दी।

उन्होंने कहा कि मां ने उन्हें पढ़ा-लिखा कर इतना काबिल बनाया। उन्होंने कभी उन्होंने बेटों से कम नहीं समझा। बोलती थी कि मेरे बेटा नहीं हुआ तो किया हुआ तुम तीनों मेरे लिए बेटों से कम नहीं हो। उनकी इच्छा थी कि उनकी बॉडी को हम तीनों बहनें मुखाग्नि दे। इस दौरान भेराराम गुर्जर, दिलीप सिंह सिसोदिया, नरेंद्र सिंह, सुरेश मेवाड़ा, राकेश शर्मा, रामदयाल किंजा, बंशीलाल शर्मा, अशोक शर्मा, वीरेंद्र सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और मोहल्लेवासी मौजूद रहे।

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