जिला लोकपाल कोसेलाव नेतरा पहुचे, कहि कार्मिक अनुपस्तिथ मिले, PM आवास योजना में बन रहे भवनों पर लाभार्थी खर्च कर रहे लाखो की रकम, जिससे लाभार्थी पात्रता के हकदार नही

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खीमाराम मेवाड़ा/पिन्टू अग्रवाल

सुमेरपुर। जिला लोकपाल चेन सिंह पवार ने सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत पंचायत समिति सुमेरपुर के अधीन ग्राम पंचायत कोसेलाव एवं नेतरा का पर्यवेक्षण किया गया।

ग्राम पंचायत कोसेलाव में बीआरपी हरिराम देवासी और उसकी टीम के सदस्य नदारद पाएं गए। ग्राम पंचायत में कनिष्ठ लिपिक भीमाराम ने वस्तु स्थिति से अवगत कराया, पूछताछ के दौरान ग्राम विकास अधिकारी भगवत सिंह भी उपस्थित नहीं थे जिसे टेलीफोन पर संपर्क करने पर बलाना होने की सूचना दी गई।

इसके संबंध में सोहन लाल डारा विकास अधिकारी , सुमेरपुर को वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया गया। सामाजिक अंकेक्षण के लिए नियुक्त प्रभारी सहायक अभियंता ने स्वयं को उदयपुर में होने एवं उनके स्थान पर नरेगा सहायक ग्राम सभा में उपस्थित होने की सूचना दी गई। चूंकि बीआरपी एव वी आर पी
के कार्य की शैली से स्पष्ट हुआ की सामाजिक अंकेक्षण औपचारिकता से किया जा रहा है जिससे ग्राम सभा के पटल पर वास्तविक स्थिति रखा जाना
भी औपचारिकता ही रहेगा।

ग्राम पंचायत नेतरा का सामाजिक अंकेक्षण बीआरपी सोनू आचार्य द्वारा किया जा रहा था उसके साथ वीआरपी दुर्गा कुमारी, मदनलाल गहलोत एवं कपूराराम उपस्थित थे उनके द्वारा किए गए जाने वाले सामाजिक अंकेक्षण से संबंधित कार्य की जानकारी दी गई तथा जोगाराम देवासी और सापू देवी देवासी के प्रधानमंत्री आवासों का अवलोकन कराया।
जोगाराम देवासी के आवासीय परिसर में उनके चार पुत्रों का निवास था जिसमें से एक पक्का मकान और दो मोरबी खपरैल चढ़े हुए की छत वाले पक्के मकान तथा एसबीएम के अंतर्गत निर्मित शौचालय बने हुए थे। प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत दो किस्तों के प्राप्त होने के उपरांत लगभग 9 लाख का कार्य का मकान का ढ़ांचा बन चुका था एवं निर्माण प्रगतिरत था ।मकान की स्थिति और उसे पर किए गए व्यय और बाकी कार्य के संभावित व्यय को दृष्टिगत रखते हुए किसी भी स्थिति में प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत लाभ पाने का पात्र नहीं पाया गया।

इसी प्रकार सापू देवी के मकान का अवलोकन करने पर प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे आवास पर 5 लाख से अधिक व्यय किया जा चुका था तथा लाभार्थी को अंतिम किस्त का इंतजार था पूछने पर बताया की बना हुआ पक्का मकान उसके बड़े बेटे का है और जो प्रधानमंत्री आवास बन रहा है वह मेरे दूसरे बेटे के लिए है मकान पर पर 9 लाख खर्च होने का अनुमान है। इस प्रकार सापू देवी लाभार्थी भी प्रधानमंत्री आवास के निर्माण पर किए गए खर्च के आधार पर पात्रता की हकदार नहीं थी। दोनों लाभार्थीयो के प्रधानमंत्री आवास की स्थिति देखते हुए जो की 9 लाख से अधिक खर्च करने की हैसियत रखते हैं से स्पष्ट हुआ कि उनके कारण गरीब एवं वंचित पात्रता रखने वाले ग्राम वासी को लाभ से वंचित किया। दोनों लाभार्थियों के प्रथम एवं द्वितीय किश्त के सत्यापन करने वाले ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य तकनीकी अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण एवं सत्यापन को संबंधित लाभार्थी द्वारा किए गए निमार्ण के संदर्भ में देखा जाना अपेक्षित था कि उनके द्वारा प्रधानमंत्री आवास को निर्धारित मानदंडों के अनुसार किस तरह बताया गया।गलत रूप से सत्यापन एवं निरीक्षण के लिए संबंधित कार्मिकों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाना आवश्यक है ।

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