नर्मदा नहर से जमीन को कमांड क्षेत्र से जोड़ने की मांग को लेकर 5 गांवों के किसानों का धरना

PALI SIROHI ONLINE

सांचौर। चितलवाना उपखंड के मेघावा गांव में गत 1086 दिन से अपने क्षेत्र की जमीन को कमांड क्षेत्र में जुड़वाने की मांग को लेकर पांच गांवों के किसानों धरना दे रहे है। जिसके बाद भी किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। जिससे परेशान किसानों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम रवि कुमार गोयल को ज्ञापन दिया।

आंदोलन को उग्र करने की दी चेतावनी जिसमें किसानों ने आरोप लगाया कि हमारी जमीन को अधिकारियों ने जानबूझकर अन कमांड क्षेत्र में रखी है।

जिसके चलते अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करके हम हमारी जमीन को कमांड क्षेत्र में शामिल करवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में अब आंदोलन को उग्र किया जाएग

जानकारी के अनुसार चितलवाना उपखण्ड के पांच गांव मेघावा, मोहर, वीरावा, कुंडकी व अगड़ावा क्षेत्र के किसानों की बेशकीमती जमीन को नहर का निर्माण करने के लिए औने-पौने दाम पर अवाप्त करके खेतों के बीच से नहर निकाल दी। जिससे सैकड़ों किसानों के खेतों को दो टुकडों में बांट दिया। उस समय किसान इस उम्मीद में चुप रहे कि नर्मदा का मीठा पानी सिंचाई के लिए मिलेगा और उससे इस नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी, लेकिन बाद में पता चला की इस क्षेत्र के पांच गांवों को कमांड क्षेत्र में नहीं जोड़ा। उसके बाद किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। पांच गांवों में एक लीटर पानी का उपयोग नहीं

किसानों ने बताया कि 3 दिसम्बर 2019 में नर्मदा नहर के किनारे धरना शुरू किया था। उसको तीन साल से ज्यादा समय हो गया है। किसान सांवला राम ने बताया कि हमारे खेतों के बीचों बीच से नर्मदा नहर निकाल दी। जो चौबीस घंटे पानी से भरी हुई रहती है, लेकिन हम इन पांच गांवों में एक लीटर पानी का उपयोग नहीं कर सकते है। अगर हमें हमारे हक का पानी नहीं दिया गया तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे।

ये रहे धरने में मौजूद

इस दौरान सांवलाराम सियाग, सुनील बेनीवाल, रामूराम पुनिया, मालाराम लोल, जगदीश सियाक, जगमाल लोमरोड़ व बुधाराम खीचड़ सहित कई किसान मौजूद रहे।

एडिशनल मुख्य अभियंता श्रीफल मीणा ने बताया कि नर्मदा नहर के किनारे मेघावा में जमीन को कमांड क्षेत्र में जुड़वाने के लिए किसान धरना दे रहे है, लेकिन यह फैसला लेने का अधिकार केबिनेट के पास है। इसमें स्थानीय स्तर पर हम कुछ नहीं कर सकते है।

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