प्रिंसिपल की विदाई में फूट-फूटकर रोने लगे स्टूडेंट: बच्चों के आंसू देख टीचर भी हुए भावुक,

PALI SIROHI ONLINE

जालोर जिले में आलमजी धोरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैसावास के प्रिंसिपल का पिछले दिनों उनके गांव में ट्रांसफर हो गया। प्रिंसिपल को विदाई देने के लिए बुधवार स्कूल में अभिनंदन समारोह रखा गया। इस दौरान स्टूडेंट भावुक हो गए और अपने प्रिंसिपल के गले लगकर रोने लगे। बच्चों की आंखों में आंसू देख प्रिंसिपल भी भावुक हो गए और उनकी आंखों में भी आंसू आ गए। इसके बाद प्रिंसिपल ने एक-एक स्टूडेंट के गले लगकर अपने हाथों से लड्डू खिलाए और जीवन में सफलता के लिए संघर्ष करते रहने की सीख दी। विदाई कार्यक्रम में सीबीईओ भगवानाराम, टीचर रामजीलाल, सुनील बिश्नोई, हरिराम सारण, हरिराम बुरड़क, प्रियंका मीणा सहित अन्य टीचर और अभिभावक भी मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंसिपल मनोहर लाल विश्नोई साल 2018 में ट्रांसफर होकर जैसावास आए थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने स्कूल में कई पहल की। इसके साथ ही स्कूल के विकास को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाई। वह क्लास में बच्चों को पूरे मनोयोग से पढ़ाते थे और उनका बच्चों के साथ व्यवहार भी अच्छा था। पिछले दिनों उनका ट्रांसफर उनके पैतृक गांव सरनाऊ हो गया था। उनके ट्रांसफर के बाद से ही बच्चे उदास थे। बुधवार को जब विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया तो बच्चे अपने आंसू नहीं रोक पाए और अपने टीचर के गले लगकर रोने लगे।

स्कूल में प्रोजेक्टर से पढ़ाई, सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे

प्रिंसिपल मनोहर लाल विश्नोई ने अपने कार्यकाल में स्कूल में विकास को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल में शैक्षणिक नवाचार के साथ ही सभी विषयों में उनकी भूमिका सकारात्मक रही है। यही कारण है कि उनके प्रति आमजन और स्टूडेंट का बड़ा लगाव रहा। उन्होंने साथी स्टाफ के साथ मिलकर स्कूल के ग्राउंड में एक सौर मंडल भी तैयार करवाया था। उनकी पहल से स्कूल में बच्चों को प्रोजेक्टर से पढ़ाई करवाई जा रही है। पूरे स्कूल में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। साथ ही ग्राउंड में हरियाली के लिए फूलदार पौधों का एक गार्डन भी बनाया हुआ है।

स्कूल को 25 साल बाद मिला रास्ता

स्कूल में आने-जाने के लिए रास्ता नहीं था । इसको लेकर करीब डेढ़ महीने पहले स्टूडेंट ने सड़क जाम कर अपना विरोध प्रकट किया था। इस पर प्रिंसिपल मनोहर लाल विश्नोई ने स्कूल के रास्ते के लिए पहल की थी। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से सामंजस्य स्थापित किया, जिसके बाद ही स्कूल को करीब 25 साल के लंबे अंतराल के बाद रास्ता मिल पाया था।

कार्यकाल में स्कूल में नामांकन बढ़ाने के किए प्रयास प्रिंसिपल मनोहर लाल विश्नोई का आलमजी का धोरा स्कूल में 4 साल 6 महीने का कार्यकाल रहा। मनोहरलाल विश्नोई की यहां पहली पोस्टिंग थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूल में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास किए। वर्तमान में स्कूल में 320 बच्चों का नामांकन है। उन्होंने अपने कार्यकाल में बिजली कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरा, प्रोजेक्टर, स्कूल के लिए रास्ता, स्कूल के लिए चारदीवारी, टीन शेड, बगीचा, सौरमंडल गार्डन, ABCD गार्डन के साथ ही नर्मदा पानी के कनेक्शन के लिए काम किए।

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