राज्यसभा चुनाव मुख्यमंत्री गहलोत है तो मुमकिन है,कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी जीते ,बीजेपी के तिवारी जीते, पढ़ें पूरी खबर

PALI SIROHI ONLINE

जयपुर।राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों पर हुई वोटिंग के बाद नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। चार में से तीन सीट कांग्रेस और एक सीट बीजेपी ने जीती है। कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी जीत गए हैं। बीजेपी उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी ने भी जीत दर्ज की है। बीजेपी समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा हार गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर जीते हुए उम्मीदवारों को बधाई दी है।
सुभाष चंद्रा ने पहले कांग्रेस खेमे से 8 विधायकों के क्रॉस वोटिंग का दावा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जादू बरकार रहा और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस खेमे के वोट एकजुट रहे। उलटा बीजेपी में क्रॉस वोटिंग हो गई।

राज्यसभा चुनावों के बाद अब विधायकों की बाड़ेबंदी भी खत्म हो गई है।भाजपा विधायक ने की क्रॉस वोटिंग धौलपुर से बीजेपी विधायक शोभारानी कुशवाह ने क्रॉस वोटिंग कर दी। शोभा रानी ने बीजेपी के घनश्याम तिवाड़ी की जगह कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को वोट दे दिया है। बीजेपी भी मान रही है कि शोभा रानी के वोट में गड़बड़ी हुई है। शोभा रानी के पति बी एल कुशवाह इस वक्त जेल में बंद हैं। बीजेपी विधायक सिद्धि कुमारी को निर्दलीय सुभाष चंद्रा को डालना वोट डालना था, लेकिन बताया जा रहा है कि वो घनश्याम तिवाड़ी को अपना वोट दे गई।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि एक विधायक से वोट देने में गलती हुई है। बीजेपी खेमे को जिस बात का डर था, वही हुआ। मॉक पोलिंग में बीजेपी के पांच विधायकों के वोट खारिज हो गए थे।

सुभाष चंद्रा बोले- कई विधायकों ने वोट नहीं देने के लिए माफी मांग बीजेपी के समर्थन से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय राज्य सभा कैंडिडेट सुभाष चंद्रा ने बीजेपी खेमे से क्रॉस वोटिंग पर कहा कि जब मुझे अपेक्षा थी कि दूसरी पार्टी के लोग मुझे वोट करेंगे। तो भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने भी क्रॉस वोट कर दिया होगा, उसमें कौन सी आश्चर्य की बात है। सुभाष चंद्रा ने कहा कि मेरे कारण कई विधायकों के काम राजस्थान में हो गए हैं। मुझे कई विधायकों के फोन भी आए। वे कह रहे थे कि भाई जी अब की बार वोट नहीं दे सकेंगे। माफी चाहते हैं। मैंने कहा कोई बात नहीं, लेकिन आपने अपने काम तो करवा लिए होंगे। सुभाष चंद्रा ने कहा कि मैं जीतू या हारूं, लेकिन में समान रहता हूं मुझे समता में रहना आता है।

इस चुनावो में एक बार फिर मुख्यमंत्री गहलोत की शाख पर सवाल उठाने वालो के लिए एक संदेश है की गहलोत है तो मुमकिन है

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