VIDEO बाली को जिला बनाने की मांग को लेकर वकील मंडल,जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को दिया ज्ञापन

PALI SIROHI ONLINE

पिंटू अग्रवाल/ ललित वैष्णव

बाली। पाली जिले के बाली को नया जिला गठन करने की मांग ने एक बार फिर ज़ोर पकड़ लिया है। आज वकील मण्डल के सदस्यों और बाली को जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने बाली वकील मण्डल के अध्यक्ष एडवोकेट नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष विश्वेन्द्र सिंह कुम्पावत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम बाली उपखण्ड अधिकारी धायगुडे स्नेहल नाना को ज्ञापन देकर बाली को जिला बनाने की पुरजोर मांग उठाई।

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पढ़े क्या लिखा ज्ञापन में

वर्तमान पाली जिले के बाली, सुमेरपुर, रानी व देसुरी उपखण्ड क्षेत्र को जिला सृजित करने हेतु काफी समय से विभिन्न स्तर पर क्षैत्रवासियों द्वारा मांग की जाती रही है। प्रस्तावित बाली जिला पाली जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर स्थित है तथा उक्त प्रस्तावित जिला मुम्बई-अहमदाबाद-दिल्ली की रेलवे लाईन पर फालना रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर एवं राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 14 से 20 किलोमीटर दूर एवं राज्यमार्ग जोधपुर-उदयपुर-राजसमन्द पर अवस्थित है। इस अभियान को सक्रियता प्रदान करने के प्रमुख उद्देश्य से इस क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकजन ने ’’जिला बनाओं संघर्ष समिति बाली’’ के नाम से समिति का गठन किया है जो लगभग लम्बे समय से संर्घषरत है तथा समिति द्वारा भी समय-समय पर उक्त मांग के बारे में ज्ञापन आपके विचारार्थ प्रस्तुत किये है उसी क्रम में वकील मण्डल बाली जिला बनाओं के सम्बद्ध में आपके माध्यम से उक्त ज्ञापन राज्य सरकार के नाम प्रस्तुत किया जा रहा है।

प्रस्तावित बाली जिला गठन के आधार :-

  1. नया जिला सृजन करने हेतु जो आधार राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किये गये है उन मापदण्डों पर मूल्याकंन करने पर बाली जिला का गठन करने के समुचित व पर्याप्त आधार है।
  2. प्रस्तावित बाली जिले का बाली सुमेरपुर, देसुरी व रानी तहसील क्षैत्र का कुल क्षैत्रफल 3,996.97 वर्गकिलो मीटर होता है जो वर्तमान में मौजुद जिले धौलपुर, दौसा, प्रतापगढ, डुंगरपुर, राजसमन्द, सवाई माधोपुर व सिरोही के कुल क्षैत्रफल से अधिक व समकक्ष होता है जिसका विवरण निम्नानुसार है :-
    प्रस्तावित बाली जिला का क्षैत्रफल 3996.97 वर्गकिलो मीटर है।

राजस्थान के अन्य जिलो का क्षेत्रफल

जिले का नाम क्षैत्रफल वर्ग कि.मी. में
धौलुपर 3033.00
दौसा 3432.00
डुंगरपुर 3770.00
राजसमन्द 3807.00
प्रतापगढ 4112.00
सवाई माधोपुर 4498.00
सिरोही 5136.00

नोट :- मौजुदा पाली जिला का क्षैत्रफल 12330.79 वर्ग कि.मी. है जो राजस्थान के मौजुद कुल 33 जिलों में क्षैत्रफल की स्थिति 8 वॉ स्थान पर है यानि की क्षैत्रफल की दृष्टिकोण से सात जिले पाली से बडे है। अवशेष पाली जिला (बाली जिला को पृथक करने के बाद) का क्षैत्रफल 8333.82 वर्गकिलो मीटर रहेगा।

  1. प्रस्तावित बाली जिले की कुल जनसंख्या 2011 के आकंडों के अनुसार 7,39,855 लगभग है तथा उसके पश्चात उक्त क्षैत्र की जनसंख्या में भी असीमित वृद्वि हुई है। इस क्षेत्र में काफी बडा क्षेत्र आदिवासी बाहूल्य भाग है। इस प्रकार विगत वर्षो में जो नये जिले सृजित किये गये है उनके आकडों को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित क्षेत्र जिले के गठन के निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति होती है। प्रस्तावित बाली जिले की आकडो के अनुसार जनसंख्या लगभग 8 लाख के करीब है जो जैसलमेर जिले की जनसंख्या से अधिक है एवं प्रतापगढ, सिरोही, बुंदीं, धौलपुर व राजसमन्द जिलो की जनसंख्या के समकक्ष है।
  2. जिन मापदण्डों को आधार बनाकर विगत वर्षो में नये जिले सृजित किये गये है उनसे यह निष्कर्ष निकलता है कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक दृष्टि से छोटे जिले के आकार को सिद्धान्त रूप से स्वीकार कर लिया है। जिले के त्वरित विकास एवं प्रशासनिक तत्परता की दृष्टि से छोटे जिले बहूत ही उपयोगी एवं कल्याणकारी साबित हुये है। इस सिद्धान्तों के आधार पर बाली जिला गठन करने के भी प्रबल आधार है।
  3. बाली, सुमेरपुर, रानी व देसुरी उपखण्ड व तहसील क्षेत्र को सम्मिलित करते हुये बाली जिला सृजित करने के बारे में निम्न आधारभूत बिन्दु बहुत ही महत्वपूर्ण है।

(क) प्रस्तावित बाली जिला मुख्यालय पर राज्य सरकार द्वारा हाल ही में अतिरिक्त जिला कलेक्टर का पद सृजित कर अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है जो प्रकियाधीन है।

(ख) तहसील :- उक्त प्रस्तावित क्षेत्र के अन्तर्गत चार उपखण्ड व तहसीले बाली, देसुरी सुमेरपुर व रानी आती है तथा उक्त प्रस्तावित जिले में बेडा, नाना व खिवाडा उप तहसील कार्यरत है।

(ग) पंचायत समिति :- इसी प्रकार इस क्षेत्र में चार पंचायत समितिया बाली, देसुरी, रानी व सुमेरपुर गठित की हुई है।

(घ) नगरपालिकाए :- पाली जिले में कार्यरत कुल 9 नगरपालिकाओं में से 6 नगरपालिकाए बाली, खुडाला-फालना स्टेशन, सादडी, रानी, सुमेरपुर व तखतगढ इस क्षेत्र में गठित है।

(ड) ग्राम पंचायत :-पाली जिले में कुल 343 ग्राम पंचायते गठित की गई है जिनमें से प्रस्तावित बाली जिले में से 130 ग्राम पंचायते इस क्षेत्र में आती है।

(च) आदिवासी क्षेत्र :-इस क्षेत्र में ि वशाल आदिवासी क्षेत्र जिनकी कुल 13 पंचायतों इस क्षेत्र में आती है। जो राज्य द्वारा अनुसूचित जनजाति मांडा योजना के तहत अधिसूचित है।

(ज) औद्योगिक क्षेत्रः- फालना, रानी एवं सुमेरपुर में पूर्णतया विकसित औद्योगिक बस्तियॉ स्थापित है तथा राज्य सरकार द्वारा इस बजट में नाडोल क्षैत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया है।

(झ) न्यायिक न्यायालय :-इस क्षेत्र में अपर जिला सेशन न्यायाधीश बाली, देसुरी व सुमेरपुर, अपर मुख्य दण्डनायक सुमेरपुर व बाली एवं 6 न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय बाली, सुमेरपुर सादडी, रानी एवं देसुरी में कार्यरत है।

(ञ) ऐतिहासिक एवं पर्यटक स्थल :- प्रस्तावित जिला क्ष ेत्र में विश्व प्रसिद्ध रणकपुर मन्दिर, कुम्भलगढ अभ्यारण, परशुराम महादेव मन्दिर, स्वर्ण मन्दिर फालना, हथुडी तीर्थ बीजापुर, मुछाला महावीर घाणेराव, आशापुरा मन्दिर नाडोल, चामुण्डा माता तीर्थ मुण्डारा, काम्बेश्वर महादेव तीर्थ, निम्बेश्वर महादेव तीर्थ, विहंगम एंव मनोहारी जवाई बांध, लेपर्ड कन्जरवेशन व अन्य कई पर्यटक स्थल है तथा प्रति वर्ष हजारों की ंसख्या में देशी व विदेश पर्यटक आते है व पश्चिमी राजस्थान का सबसे बडा बांध जवाई बांध व लगभग 12 छोटे-बडे बांध स्थित है जिससे हजारो बीघा जमीन सिंचित होती है।

(ट) शिक्षा :-शिक्षा के क्षेत्र में यह क्षेत्र बहुत ही मत्वपूर्ण है। बाली, समेरपुर, रानी, देसुरी में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित है। जहॉ पर जिला शिक्षा अधिकार रैंक के अधिकारी बैठते है। इस क्षैत्र में हर 5 किलोमीटर की दुरी पर सीनियर माध्यमिक/माध्यमिक विद्यालय स्थापित है तथा बाली उपखण्ड व सुमेरपुर मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय स्थापित है तथा इसके अलावा फालना विद्यावाडी वरकाणा, सादडी व देसुरी निजी महाविद्यालय कार्यरत है तथा क्षैत्र में निजी विद्यालय के रूप में क्षैत्र में 6-7 व अनेको निजी विद्यालय स्थित है। जिससे इस क्षैत्र में शिक्षण क्षेत्र में अद्वितीय स्थान प्राप्त किया है तथा क्षैत्र में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र फालना, रानी, देसुरी, सुमेरपुर कार्यरत है। क्षैत्र में निजी नर्सिग महाविद्यालय संचालित है तथा इंजिनियरिग कॉलेज भी संचालित है।

(ठ) चिकित्सा :- चिकित्सा क्षैत्र में राज्य सरकार द्वारा बाली राजकीय चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय का दर्जा प्रदान किया गया है जो वर्तमान में कार्यरत है। तथा बाली, सुमेरपुर, देसुरी में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यालय स्थापित है।

(ड) संम्पर्क साधन :-यह क्षेत्र अहमदाबाद-मुम्बई मुख्य रेल लाइन पर स्थित पि श्चमी रेलवे का मुख्य स्टेशन से फालना स्टेशन प्रस्तावित जिला मुख्यालय से 8 किलो मीटर दूरी पर स्थित है जहॉ से राजधानी, मेल गाडीयॉ व अनेको सवारिया गाडियॉ प्रमुख शहरों संचालित होती है तथा उक्त स्टेशन दोहरी बा्रॅड गेज रेल मार्ग विद्युतिकृत है, तथा इसी स्टेशन से माल कोरिडोर दोहरी बा्रॅड गेज विद्युतिकृत की लाईने निकलती है। तथा नेशनल हाईवे संख्या 14 व अन्य स्टेट हाईवे नेटवर्क से जुडा हुआ है तथा परिवहन के प्रचुर साधन उपलब्ध है तथा फालना में राज्य सरकार द्वारा परिवहन विभाग का आगार व कार्यशाला कार्यरत है।

(ढ) सरकारी कार्यालय :-इस क्षेत्र में हर विभाग के उच्च अधिकारियों के कार्यालय स्थापित किये हुये है। जिसमें बाली, रानी, सुमेरपुर व देसुरी पर उपखण्ड कार्यालय कार्यरत है तथा हर तहसील मुख्यालय पर व उपकोष कार्यालय कार्यरत है तथा बाली मुख्यालय पर अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक, पुलिस उपाधिक्षक बाली, व सुमेरपुर तथा सब जेल बाली में स्थित है। इस प्रकार बाली को जिला घोषित किये जाने के हर दृष्टि से पर्याप्त आधार हैं।

(ण) अन्य सुविधाएॅ :- प्रस्तावित बाली जिले में सुमेरपुर कृ ष मण्डी, बाली व रानी में कृषि मण्डिया कार्यरत है। तथा राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष बजट घोषणा के अनुरूप उपखण्ड मुख्यालय सुमेरपुर पर जिला परिवहन अधिकारी का कार्यालय स्थापित किया गया है।

(त) प्रस्तावित बाली जिला के गठन हेतु विशेष सुविधा :- प्रस्तावित बाली जिले के गठन हेतु अन्य पडौसी जिलों की सीमाओं में किसी प्रकार फेर बदल की आवश्यकता नही है मात्र पाली जिले की चार उपखण्ड, चार तहसील व चार पंचायत समितियों के क्षैत्रफल व जनसंख्या के आधार पर प्रस्तावित बाली जिले का गठन किया जा सकता है।
(थ) प्रस्तावित बाली जिला के गठन हेतु मुख्यालय की विशेष सुविधा :- भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्रस्तावित बाली जिला का बाली मुख्यायल के मध्य में स्थित है। प्रस्तावित बाली जिला का बाली मुख्यालय का केन्द्र बिन्दु नक्शा में दर्शीत है।

(द) मौजुदा जिला मुख्यालय से दुरी :- प्रस्तावित बाली जिला क्षेत्र के ग्राम भीमाण पंचायत मौजुदा पाली मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। जिससे भीमाणा ग्राम पंचायत व अन्य आदीवासी पंचायत के लोगों को आने जाने में अधिक धन एवं समय खर्च होता है जिससे निजात दिलाना आश्वयक है।

  1. प्रस्तावित जिले के कई प्रवासी बन्धुओं ने अन्तराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रा में विशिष्ट ख्याति अर्जित की है। यदि बाली को जिला घोषित किया जाता है तो प्रवासी बन्धुओं को इस क्षेत्र के विकास में योगदान देने हेतु प्रेरित किया जा सकेगा तथा औद्योगिक विकास का आधार बन सकेगा। इससे ग्रामीण, आदिवासी, पिछडे, दलित व कमजोर वर्ग के लिए आय के साधन जुट सकेगें तथा इस क्षेत्र में हर दृष्टि से विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
  2. जिला मुख्यालय से साधारण से साधारण नागरिक का सम्पर्क जरूरी होता है। पाली जिला मुख्यालय इस क्षेत्र की सीमा से अत्यधिक दूरी पर होने के कारण हर नागरिक को पाली मुख्यालय जाने में असुविधा एवं परेशानी का सामना करना पडता है। हर नागरिक को सुलभ न्याय एवं सहायता प्रदान करने के प्रमुख उद्देश्य से भी बाली जिले का गठन किया जाना अत्यावश्यक है।
  3. इस सन्दर्भ में उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक स्तर पर अब तक बाली जिले के गठन हेतु कार्यावाहीया हुई है तथा जॉच होकर जो रिपोर्ट विभिन्न स्तर पर प्रस्तुत हुई है। उन सभी में बाली को जिला बनाने की औचित्यता को स्वीकार किया है। इस मांग को समर्थन प्रदान करते हुए विभिन्न स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजनैतिक एवं गैर राजनैतिक पार्टीयों एवं सस्थाओं ने सर्व सम्मति से प्रस्ताव भी किये है।
  4. उपरोक्त वर्णित सभी बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए तथा विशेष रूप से इस क्षेत्र के व्यापक विकास एवं आम नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए बाली को जिला बनाया जाना न केवल उचित बल्कि परम आवश्यक है। अतः निवेदन है कि बाली को जिला घोषित करने का आदेश पारित करते हुए अनुगृहित करावें।

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