पुलिस सुरक्षा में हुई दलित दूल्हों की घोड़ी पर निकासी, 8 साल पहले जैसी घटना का था डर

PALI SIROHI ONLINE

Viratnagar: जयपुर के पावटा उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत पांछुडाला के ग्राम तैला में आजादी के बाद पुलिस सुरक्षा में दलित दूल्हों की पहली बार घोड़ी पर बैठकर निकासी निकाली गई. इस दौरान एएसपी विधा प्रकाश, डीएसपी डॉ. संध्या यादव, प्रागपुरा एसएचओ हवासिंह यादव, पनियाला एसएचओ हितेश शर्मा समेत विभिन्न थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा.
पावटा के तैला और आसपास जाति विशेष का गांव है. जहां कुछ वर्ष पहले भी एक धोबी समाज के दुल्हे को दबंगों ने घोड़ी पर बैठने से रोक दिया था. किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका को देखते हुए ग्रामीण सुभाष चंद वर्मा, विकास खारडिया, कृष्ण कुमार और शंकर लाल ने इस बाबत पावटा एसडीएम राजवीर यादव और कोटपूतली डीएसपी डॉ. संध्या यादव को ज्ञापन सौंपकर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाये जाने की मांग की थी.

आपको बता दें कि तैला में रामनिवास बलाई के लड़के जीतु और अजीत की शादी गुरूवार को थी. बारात जाने से पूर्व उनकी घोड़ी पर बैठाकर निकासी निकाली गई. निकासी के दौरान दूल्हों के परिजनों को अनहोनी की आशंका थी. क्योंकि पूर्व में कभी भी घोड़ी पर बैठकर निकासी, बारात नहीं निकाली गई थी. साथ ही यह भी सामने आया कि शादी समारोह में एक दो दिन पूर्व डीजे पर बान निकालने के दौरान भी कुछ लोगों ने प्रतिरोध करते हुए सीटी बजाई और हंगामा करते हुए शादी में घोड़ी पर निकासी निकालने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी.

इस सम्बंध में पावटा एसडीएम राजवीर यादव, डीएसपी डॉ. संध्या यादव समेत प्रागपुरा एसएचओ और समाजसेवी नित्येन्द्र मानव ने विवाह स्थल का एक दिन पहले मौका मुआयना भी किया था. इस दौरान भीम आर्मी जिलाध्यक्ष और पार्षद तारा पूतली के नेतृत्व में राजेश हाडिया, अनिल करवास, बबलू खाड़ा, सचिन खेड़ा, विकास खारडिय़ा, विनोद आर्य, आर के वर्मा समेत बड़ी संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. तारा पूतली ने बताया कि निकासी के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सभी जाति के ग्रामीणों का सहयोग भी मिला. साथ ही बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में दुल्हों की निकासी निकाली गई.

8 वर्ष पूर्व दलित दुल्हों से हुई थी मारपीट

दूल्हों के बड़े भाई मुकेश ने बताया की उनके गांव तैला में दलित दूल्हों को शादी में घोड़ी पर बैठकर निकासी, बारात या तोरण आदि नहीं निकालने दी जाती थी. आज से लगभग 8 वर्ष पूर्व दलित समाज का दूल्हे ने घोड़ी पर बैठने का प्रयास किया था. इस दौरान गांव के दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी से नीचे गिरा कर मारा पीटा था. उसके बाद दलित समाज के लोगों ने दबंगों के आतंक के चलते शादी के दौरान दूल्हे को घोड़ी पर बैठना बंद कर दिया था, लेकिन अब आठ साल बाद फिर से दलित दूल्हे ने अपनी निकासी घोड़ी पर बैठ कर निकाली.