मामा नहीं आए, मुस्लिमों ने भरा हिंदू बेटी का भातः दुल्हन बोली- ये शादी का सबसे बड़ा तोहफा

PALI SIROHI ONLINE

अलवर।दंगों का दाग झेल रहे राजस्थान में प्यार और एकता की जड़ें काफी गहरी हैं। अलवर में ऐसा ही एक सुखद नजारा देखने को मिला। अपनी शादी में मामाओं का इंतजार कर रही एक हिंदू लड़की को अनोखे मायरे की सौगात मिली। यह मायरा भरा गया मुस्लिमों की ओर से।

मामला है रामगढ़ के मेवखेड़ा गांव का यहां की रहने वाली चंदा की सोमवार को शादी थी। चंदा (19) अपने दादा-दादी के पास रहती है। सोमवार को भरतपुर के सीकरी से चंदा की बारात आई थी, लेकिन उसके ननिहाल पक्ष से कोई भात लेकर नहीं आया।

अंजुमन शिक्षा समिति के प्रमुख नसरू खां को इसके बारे में पता चला तो वे संस्था के सदस्यों व समाज के अन्य लोगों के साथ भात लेकर चंदा के यहां पहुंचे। यहां बेटी के दादा सुखराम ने सभी का स्वागत किया गया।

रीति रिवाज से हुआ मामाओं का स्वागत चंदा के घर पहुंचने पर द्वार पर नसरू व भात लेकर आए

अन्य लोगों को तिलक लगाया गया। भात में 22 हजार 400 रुपए नकद व अन्य उपहार बेटी चंदा को दिए और आशीर्वाद दिया। यह देख चंदा भी भावुक हो गई। भात के समय पूरे परिवार के कपड़े देकर रस्म भी निभाई गई। संस्था के नसरू खां ने बताया कि उन्हें सोमवार को शादी वाले दिन ही चंदा के बारे में पता लगा था। चंदा ने कहा कि ये उसके लिए शादी का सबसे बड़ा तोहफा है।

पिता की मौत, मां छोड़कर गई चंदा के पिता की 2007 में सांप के डसने से मौत हो गई थी। इसके कुछ समय बाद मां भी छोड़कर चली गई। इसके बाद से चंदा अपने दादा-दादी के पास रहती है। मां के छोड़ जाने के चलते ननिहाल से भी कोई नहीं आया।