16 बैलगाड़ियों पर बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, 10 किलोमीटर तक निकली बारात को देखने के लिए लगा लोगों का जमावड़ा

PALI SIROHI ONLINE

जैतारण।जैतारण क्षेत्र के देवरिया गांव के बेरा रामर (रामदेव ढ़ाणी ) पर बैंगलोर में व्यवसाय करने वाले लक्ष्मण राम पंवार ने अपने बेटे प्रदीप की शादी अनोखे अंदाज में की। लक्ष्मण राम ने पर्यावरण बचाने का संदेश देते हुए सजे-धजे बैल गाड़ियों पर बारात निकाली। देवरिया गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर चावंडिया कलां तक निकली इस बारात में दुल्हे समेत सभी बराती बैलगाड़ियों में बैठे दिखे।

बेटे प्रदीप का था आइडिया

बैंगलोर में एमकॉम पढ़ा दूल्हा प्रदीप पंवार ने अपने पिता से उनके पूर्वजों की तरह बारात ले जाने के अन्दाज में उसकी बारात भी ले जाने की जिद्द की। पिता ने बेटे की जिद्द पर आस-पास से गांवों में एक-एक बैलगाड़ियों का ढूंढ कर एकत्रित कर 16 बैलगाड़ियों में एक साथ महिलाओं और पुरूषों को बैठाकर बारात को रवाना किया।

गौरतलब है कि गांवों में कई साल पहले संसाधनों की कमी के चलते पैदल और बैलगाड़ियों से ही शादियों में दुल्हे की बारात को ले कर जाते थे। धीरे-धीरे आधुनिकता बढ़ने से पुरानी परम्पराएं बदल गईं। कई वर्षों के बाद बैलगाड़ियों पर बारात ले जाते समय देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

पेट्रोल की कीमतों और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश दुल्हा के पिता लक्ष्मण राम पंवार बताते हैं कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल के आसमान छू रहे भाव और वाहनों के धुओं से बढ़ते प्रदूषण को लेकर आमजन मे बैलगाड़ियों से बारात को लेकर जाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।