राजस्थान में गाय पालने का लाइसेंस नहीं लेना होगा: CM गहलोत बोले- मैंने कह दिया, आदेश कहीं भी लागू नहीं होगा

PALI SIROHI ONLINE

जयपुर।राजस्थान के शहरों में गाय पालने के लिए लाइसेंस लेने का नियम अब लागू नहीं होगा। CM अशोक गहलोत ने घोषणा की है कि राजस्थान में कहीं भी आदेश लागू नहीं होगा। इसके साथ ही गहलोत ने गौशालाओं को इसी वित्तीय वर्ष से साल के 9 महीने अनुदान देने की भी घोषणा की है। पहले 6 महीने अनुदान दिया जाता था। गहलोत ने कहा- राज्य सरकार 1 करोड़ रुपए के अनुदान से सभी ग्राम पंचायतों में सामाजिक संगठनों की मदद से गौशालाएं खोलने जा रही है। जयपुर के सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में राजस्थान गौसेवा समिति की ओर से गोरक्षा सन्त हुंकार महासभा के मंच पर गहलोत ने ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा- हाल ही में हाईकोर्ट के आदेश से एक परिपत्र निकल गया कि घरों में गाय नहीं रख सकते। उसका लाइसेंस हो गया है। उस आदेश के बारे में मैंने सरकार के मंत्रालय से मालूम करवाया है। वह जयपुर में लागू हुआ है। मैंने कह दिया है, राजस्थान में वह आदेश कहीं भी लागू नहीं होगा। गहलोत ने कहा- मैं घोषणा करता हूं, अब गौशालाओं को 9 महीने के लिए अनुदान मिलेगा। इसी वित्तीय वर्ष से यह अनुदान • मिलेगा। उन्होंने कहा राज्य में प्रत्येक ब्लॉक में नंदीशाला के निर्माण पर सरकार 1 करोड़ 56 लाख रुपए का अनुदान देगी।

RSS पर निशाना-हिंसा किसी रूप में बर्दाश्त नहीं गहलोत ने RSS पर भी निशाना साधते हुए कहा कुछ RSS के लोग मुझे मिले। मैंने उन्हें मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक संदेश देने को कहा कि हम RSS या BJP के दुश्मन नहीं हैं। हमारी उनसे कोई दुश्मनी नहीं है। होनी भी नहीं चाहिए। खाली आप एक काम करो कि हिंसा किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं हो। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता है। गांधीजी ने कहा था कि आंख के बदले आंख की नीति पर चलने से सारी दुनिया के अंधे होने का खतरा है। किसी को भी हिंसा बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए। हिंसक तत्वों का बहिष्कार करना चाहिए।

कार्यक्रम में गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, राजस्थान गौ सेवा आयोग के चेयरमैन मेवाराम जैन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, श्रम राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई, श्रीमूलक पीठाधीश्वर के राजेन्द्र दास जी महाराज, महंत दिनेश गिरी समेत प्रदेशभर से आए साधु-संत, राजस्थान गौसेवा समिति पदाधिकारी और गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

क्या निकला था सर्कुलर? अप्रैल 2022 में निकले सर्कुलर के मुताबिक, प्रदेश के 213 शहरों में एक ही गाय या भैंस पाली जा सकती थी। इसके लिए भी कम से कम 100 वर्गगज जमीन अलग तय कर निगम या पालिका से लाइसेंस लेने की शर्त लगाई गई। इसके लिए राज्य सरकार ने नए गोपालन नियम लागू कर दिए। पशु मालिक को पाबंद किया गया कि पड़ोस में रहने वालों को गोबर-मूत्र आदि से कोई परेशानी न हो। हर पशु के कान में टैग बांधना होगा। जिस पर मालिक का नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखना होगा। पशु बाहर घूमता पाया गया तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना होगा। रास्ते या खुले स्थान पर पशु को बांधा नहीं जा सकेगा। पशुपालक कूड़ेदान में इकट्ठा गोबर को हर 10 दिन में निगम या निकाय की सीमा से बाहर ले जाएगा। केंचुआ खाद बना सकेगा। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होने पर 1 महीने के नोटिस पर लाइसेंस रद्द होगा, उसके बाद पशु नहीं पाल सकेंगे।