सभापति ने 3 पार्षदों के साथ दिया कांग्रेस से इस्तीफा: विधायक को ठहराया जिम्मेदार

PALI SIROHI ONLINE

प्रतापगढ़।प्रतापगढ़ नगर परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर, उनके पति पूर्व पार्षद प्रह्लाद गुर्जर तथा वर्तमान में नगर परिषद में पार्षद पूजा गुर्जर एवं मनोहर लाल धोबी ने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ लिया है। इन चारों ने अपने इस्तीफे कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह को भेजे हैं। चारों के इस्तीफे में भी एक ही भाषा काम ली गई है। जबकि पूर्व पार्षद प्रहलाद गुर्जर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भी इस्तीफा भेजा है।

इसको लेकर जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत ने कहा है कि उनके पास अभी तक कोई भी इस्तीफे संबंधी दस्तावेज नहीं आए हैं। ऐसे में फिलहाल आगे कुछ नहीं कहा जा सकता। इस्तीफे में चारों ने विधायक रामलाल मीणा पर

भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

सभापति रामकन्या गुर्जर एवं व पार्षदों ने बताया कि स्थानीय विधायक रामलाल मीणा द्वारा पूरी विधानसभा में किए जा रहे भ्रष्टाचार से आहत होकर इन्होंने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दिया है।

मुख्यमंत्री से प्रभावित होकर कांग्रेस में आए थे, विधायक के भ्रष्टाचार से जा रहे हैं

इन चारों ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष को भेजे अपने त्याग पत्र में बताया कि सभापति सहित पार्षद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विकास कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए थे। लेकिन विधायक रामलाल मीणा द्वारा पूरी विधानसभा में भ्रष्टाचार करने, नगर परिषद में अपने कमीशन के लिए दलालों को महत्व देने और इन दलालों द्वारा नगर परिषद पर दबाव बनाकर फर्जी पट्टे बनवाना, सरकारी जमीन को बेचना जैसे जनविरोधी कार्य किए जा रहे थे।

भ्रष्टाचार करने से रोका तो निलंबित करवाया चारों ने अपने इस्तीफे में बताया कि ऐसे जनविरोधी कार्यों को नहीं करने देने पर सभापति रामकन्या गुर्जर को फर्जी शिकायत कर निलंबित करवाने से विधायक का धोखाधड़ी वाला दोगला चरित्र सामने आया है। इससे आहत होकर चारों पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष को अलग-अलग त्याग पत्र भेजे हैं।