डॉन देवा गुर्जर की हत्या का फरार आरोपी गिरफ्तार: जंगल में काट रहा था फरारी, भनक लगते ही जगह छोड़ देता

PALI SIROHI ONLINE

कोटा।रावतभाटा में बहुचर्चित डॉन देवा गुर्जर हत्याकांड के सह अभियुक्त भैरू गुर्जर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पिछले 1 महीने से भैरू गुर्जर फरार चल रहा था। उसने बड़े शातिर तरीके से जंगल को अपना ठिकाना बना रखा था। पुलिस की भनक लगते ही जगह छोड़ देता था। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। SIT, पुलिस की अलग अलग टीमों ने जंगल में सर्च अभियान चला रखा था। आज इनपुट मिलने पर मंडाना पुलिस ने मुकुंदरा पहाड़ी के जंगल से आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की गिरफ्तारी पर चित्तौड़ एसपी ने 5 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।

डीएसपी अमर सिंह ने बताया कि पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। मंदिर, झोपड़ियां, खानाबदोश लोग, सभी जगह तलाशी ली गई। चेचट, मोडक, मंडाना थाना क्षेत्र में लगातार टीमें सर्च कर रही थी। मंडाना के जंगल में आरोपी का इनपुट मिलने के बाद इस इलाके में कार्रवाई की गई और आरोपी को जंगल से राउंडअप करके लाया गया। पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

ये था मामला

4 अप्रैल को रावतभाटा के एक सैलून में हथियारों से लैस बदमाशों ने डॉन देवा गुर्जर पर हमला किया था। जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों का भागते हुए CCTV फुटेज सामने आया था। देवा गुर्जर की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को काफी बवाल हुआ था। पुलिस अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्लाट व वर्चस्व की लड़ाई

जांच में सामने आया कि देवा गुर्जर व बाबू गुर्जर के बीच प्लाट को लेकर विवाद था। जबकि देवा गुर्जर व सांवरा के बीच RAPP में ठेके को लेकर वर्चस्व की लड़ाई थी। इसी दुश्मनी के चलते बाबू गुर्जर व सांवरा एक हो गए। दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर देवा गुर्जर को मौत के घाट उतार दिया।