सोजत व रानी में 8 तो गुंदोज में 10 दिन में एक बार जलापूर्ति, रोहट में तो हालात विकट

PALI SIROHI ONLINE

पाली जिले पेयजल संकट गहरा गया है। अब पानी के लिए लोग हाथापाई तक उतर आए हैं। आए दिन लोग गली-मोहल्लों से लेकर चौराहों तक मटकियां फोड़ विरोध जता रहे हैं। कई जगह रास्ता जाम कर प्रदर्शन किए जा रहे हैं तो जलदाय विभाग के अफसरों से मारपीट तक की जा रही है।

पश्चिमी राजस्थान में सबसे बड़े 53 बांध वाले जिले में ऐसे हालात है। रोहट में हालात और विकट होते जा रहे हैं। यहां पर मवेशियों तक पीने के लिए पानी नहीं है। हालांकि 2008 और 2009 भी अकाल के हालात पैदा हुए थे, लेकिन इन 20 वर्षों आबादी बढ़ने के साथ ही पानी का संकट भी बढ़ता गया। जवाई बांध पानी डेड स्टोरेज का बचा है। बांध बनने के बाद से अब यह सिर्फ 7 बार भरा है। जिले के दूसरे बांधों की भी स्थिति ऐसी ही है। कई सूख चुके तो कई सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं।

सांडेराव. पीएचईडी से जुड़े सभी ग्रामीण क्षेत्रों 5 दिनों एक बार पेयजल की आपूर्ति होती है। वह आधे घंटे तक नाम मात्र की सप्लाई दी जा रही है। इस दौरान ज्यादातर लोग अपने घरों बिजली की मोटर से पानी खिंच लेते हैं, जिससे कई मोहल्ले के लोगों के घरों कम दबाव से पानी की सप्लाई आने से ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं।

निमाज. कस्बे में पेयजल को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है। हर दूसरे दिन नियमित रूप से पेयजल की सप्लाई की जा रही है, लेकिन निमाज को छोड़कर लगभग सभी बेरों पर पेयजल की विकट समस्या है।

कहां-कितने दिनों में आता है पानी

सोजत : 8 दिन एक बार

चाणौद : 4 दिन एक बार

माताजी वाडा : 4 दिन एक बार

गुंदोज : 10 दिन में एक बार

देसूरी : 3 दिन में एक बार

रानी : 7 से 8 दिन में

एक बार

सोजत रोड : 6 से 8 दिन में एक बार

सांडेराव : 5 दिन में एक बार

बाली : दिन में एक बार

बूसी : 4 दिन में एक बार

रोहट में तो आमजन के साथ पशुओं के लिए नहीं मिल रहा पानी, सोजत में भी स्थिति खराब

  1. जिला मुख्यालय पर पानी जवाई, बाणियावास, सोवणिया समेत आसपास से आ रहा है। वहां कटौती के कारण जरूरत के हिसाब से पानी की पंपिंग नहीं हो पा रही। शहर भी लोग बूस्टर से स्टॉक कर लेते हैं, इससे अंतिम छोर की कॉलोनियों पानी पहुंच पा रहा।
  2. सुमेरपुर क्षेत्र भी तीन से चार दिनों में एक बार पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जवाई बांध भी सूखने के कगार पर पहुंच चुका है। शहर की कई कॉलोनियों में कम प्रेशर से पानी आ रहा है। सांडेराव में तो हालात और खराब है।
  3. रोहट में हालात विकट है। यहां पर जोधपुर कुड़ी हौद से पानी लाने के लिए पुरानी पाइपलाइन को रिपयेर किया जा रहा है तो कहीं पर मरम्मत की जा रही है। गांवों में पानी नहीं है। टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।