अब जंजीरों से होगा आजाद नरपत: मददगार आए आगे, अपने खर्चे पर उदयपुर में करवाएंगे ईलाज

PALI SIROHI ONLINE

रानीवाड़ा।रानीवाड़ा कस्बे के बायपास पर रहने वाला मंद बुद्धि युवक लंबे वक्त से जंजीरों में बंधा हुआ है। जिसके पिता की मौत हो चुकी है और मां भी मानसिक रोगी है। ऐसे में युवक के परिवार की हालात खराब है। उसकी पत्नि व तीन बच्चों को पालना मुश्किल हो गया है। मजबूरन, रिश्ते के भाईयों को मदद करनी पड़ रही है। ऐसे हालातों में भीनमाल में निजी अस्पताल चलाने वाले दांतीवास के पूर्व सरपंच चैनाराम चौधरी आगे आए है। उन्होंने मंदबुद्धि युवक का इलाज कराने का बीड़ा उठाया है।

इसको लेकर भास्कर ने मंद बुद्धि युवक नरपत के घर का दौरा किया। रानीवाड़ा के बायपास कॉलानी में नरपत अपने घर में जंजीरों से बंधा हुआ है। पत्नि पीहर जसोल गई हुई थी तथा मां पास में बैठी हुई थी। पूछने पर अपना अता पता बताने की हालत में नहीं था। उसके नजदीक के परिजनों ने बता कि कई सालों से ऐसी ही हालत है। पहले नरपत स्वस्थ था और काम धंधा करता था। पड़ोस में रहने वाली सईदा बानो ने बताया कि मां बाप सभी मानसिक रोगों से ग्रस्त थे, पर नरपत सही था। ऐसे में बिमार होने एवं दवाई के लिए पैसे नहीं होने पर मजबूरन परिजनों ने जंजीरों से बांध दिया है।

इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी भाणाराम बोहरा ने भीनमाल में निजी अस्पताल चलाने वाले पूर्व सरपंच चैनाराम चौधरी से सम्पर्क किया। चौधरी पूर्व में भी ऐसे दो मरीजों को ठीक कर चुके हैं। चौधरी ने बताया कि पीड़ित को उदयपुर गीतांजलि हॉस्पिटल में 15 दिन के लिए भेजा •जाएगा। जिसमें पूरा खर्चा चौधरी दोंगे।