चोरी की बाइक पर घूम रहे थे अपचारी, दबोचा तो सामने आया गिरोह, 5 पकड़े, 2 आरोपियों की तलाश

PALI SIROHI ONLINE

उदयपुर।गोवर्धनविलास और टीडी थाना पुलिस ने दुपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 3 अपचारियों समेत 5 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें से दो चोरी के वाहन खरीदने वाले हैं। गिरोह के दो मास्टर माइंड फरार हैं। खुलासा अपचारियों के चोरी की बाइक पर घूमते पकड़े जाने पर हुआ। पुलिस ने आरोपियों से 12 बाइक बरामद की है।

गोवर्धनविलास थानाधिकारी चैलसिंह और टीडी थानाधिकारी गोपाल कृष्ण परमार को सूचना मिली कि कुछ बाल अपचारी चोरी की बाइक घूम रहे है। इस पर दोनों थानाधिकारियों के नेतृत्व में एएसआई चन्दूलाल, भगवतीलाल, हैड कांस्टेबल कालूलाल, गणेश सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र जाखड, भूपेन्द्र सिंह, मनीष गोदारा, शांतिलाल, मुकेश कुमार, रविशंकर, शंकरपुरी, दिनेश सिंह की टीम ने बोरीकुआं में दबिश देकर चोरी की बाइक पर तीन बाल अपचारियों को घूमते हुए पकड़ा।

आरोपियों से पूछताछ की तो सामने आया कि उन्होंने ये बाइक शहर के सेक्टर-14 स्थित राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपने एक साथी मुकेश मीणा के साथ मिलकर चोरी करना बताया। आरोपियों ने अपने साथी मुकेश पुत्र हाजा राम निवासी खेड फलां चणावदा परसाद हाल नाल फलां टीडी और सुरेश पुत्र हुरमा निवासी रायणा ऋषभदेव के साथ मिलकर जिले के गोवर्धन विलास, हिरणमगरी, सूरजपोल, घंटाघर, अम्बामाता, सवीना, सराड़ा व अन्य थाना क्षेत्रों से लगभग दो दर्जन से ज्यादा दुपहिया वाहन चोरी करने की वारदातें करना स्वीकार किया है।

इन बालकों की निशादेही से गैंग के सदस्यों द्वारा चुराई गई 12 बाइक अलग-अलग स्थानों से बरामद की है। इन आरोपियों से चोरी की बाइक खरीदने में शांतिलाल मीणा उर्फ सानिया पुत्र भीमाजी मीणा निवासी भुआलियां फलां परसाद, सुनील मीणा पुत्र हाजा राम मीणा निवासी निवासी भुआलियां फला परसाद को भी गिरफ्तार किया है।

पैसों का लालच देकर किशोरों को आगे रखते ताकि शक न

हो आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि मुकेश मीणा पुत्र हाजा राम मीणा निवासी खेड फलां चणावदा परसाद हाल नाल फलां टीडी व उसका साथी सुरेश मीणा पुत्र हुरमा मीणा निवासी रायणा ऋषभदेव इस गैंग के लीडर है। जो अक्सर गैंग में नये लड़कों को मौज मस्ती का लालच देकर जोड़ते रहते हैं। मुकेश मीणा व सुरेश मीणा के निर्देश पर बाल अपचारी अपने गांव से उदयपुर शहर जाते व शहर की आवासीय क्षेत्र में दिन के समय घूम कर रैकी करते व मौका पाकर मास्टर चाबी के प्रयोग से दुपहिया वाहन चोरी कर तंग गलियों से होते हुए टीडी व परसाद की तरफ आते है और चोरी किए वाहनों को औने-पौने दामों में बेच देते थे।