रायपुर व सोजत क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट, लूणी बांध में एक सप्ताह का पानी, इसके बाद टैंकरों से सप्लाई होगी

PALI SIROHI ONLINE

रायपुर मारवाड़। क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। इसके कारण ग्रामीण परेशान है। वे पानी के लिए भटक रहे हैं। वहीं पूर्व रायपुर विधायक एवं पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीडी देवल ने जलदाय विभाग के मंत्री को पत्र प्रेषित कर रायपुर एवं सोजत क्षेत्र में दिनोंदिन गहराते पेयजल संकट एवं उसके कारण आम जनता को होने वाली समस्याओं के शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।

विधानसभा क्षेत्र रायपुर के पूर्व विधायक एवं पाली जिला कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सीडी देवल ने जलदाय मंत्री महेश जोशी को भेजे पत्र में बताया कि जिले में कई स्थानों पर पेयजल संकट गहराता जा रहा है । पेयजल की किल्लत के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पाली के लिए तो पेयजल की ट्रेन स्वीकृत हो गई है। किंतु पंचायत समिति क्षेत्र सोजत एवं पंचायत समिति क्षेत्र रायपुर में कई ऐसे गांव है, जहां पर पेयजल की किल्लत है। भीषण गर्मी के कारण लोगों तथा मवेशियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल के अभी से यह हालात है तो अभी तो पूरी ग्रीष्म ऋतु पड़ी है आगे क्या होगा।

उनके विधायक कार्यकाल में चंडावल एवं देवली हुल्ला में दो फिल्टर प्लांट बना कर गजनाई बांध से अटबडा तक के 46 गांवों को पेयजल पहुंचाने की योजना स्वीकृत की गई थी। इसी प्रकार उनके कार्यकाल में ही रायपुर लूनी बांध से भी 18 गांवों को पेयजल पहुंचाने की योजना स्वीकृत की गई थी। किंतु वर्तमान समय में गजनाई बांध में बिल्कुल भी पानी नहीं है तथा रायपुर लूनी बांध में भी करीब एक सप्ताह का ही पेयजल बचा हुआ है। इसके बाद रायपुर लूनी बांध से पेयजल की आपूर्ति बंद हो सकती है।

पिछले साल भी पूरा पानी नहीं भरा गत वर्ष पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तथा रायपुर लूनी बांध भी पूर्णतया नहीं भर पाया। किंतु इसके बावजूद पेयजल के लिए पूरा पानी आरक्षित नहीं करके सिंचाई के लिए दो पाण का पानी दिया गया। जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में फसलों का उत्पादन भी नहीं हुआ और पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया। वे पिछले कई महीनों से जलदाय विभाग के अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर समस्या के समाधान करने की मांग कर चुके हैं।

उन्होंने जलदाय मंत्री से मांग की है कि या तो बीसलपुर बांध से ब्यावर आ रहे पानी को ट्रेन में भर कर मारवाड़ जंक्शन तक पहुंचाया जाए ताकि ब्यावर एवं मारवाड़ जंक्शन के बीच पड़ने वाले गांवो को पेयजल किल्लत से मुक्ति मिल सके अथवा पेयजल किल्लत वाले गांवो में टैंकरों से पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

टैंकरों से पानी पहुंचाएंगे

• रायपुर बांध में करीब एक सप्ताह का पेयजल शेष है। इसके बाद पेयजल किल्लत वाले गांवो में टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके लिए उपखंड प्रशासन एवं ग्राम पंचायतों को भी अवगत करा दिया गया है। पेयजल की समस्या के निदान के लिए कुएं भी खोदे जा रहे हैं। उनका पानी भी शीघ्र उपलब्ध हो जाएगा। यदि उनका पानी उपलब्ध हो जाता है तो टैंकरों द्वारा पेयजल आपूर्ति की भी शायद ही जरूरत पड़ेगी। – डूंगाराम नोगिया, सहायक अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, रायपुर