वेलार का श्रवण माली बना बेजुबान वन्यजीवों का सहारा,पूर्व सरपंच ने भी की सराहना

ग्राम पंचायत कोठार के वेलार गाव का श्रवण माली बना बेजुबान वन्यजीवों का सहारा।
बाली उपखण्ड के कोठार ग्राम पंचायत अधीनस्थ वेलार गाँव के सेवा प्रमुख श्रवण कुमार माली व उनके साथ जुडे लोग काँरोना महामारी मे लाँकडाऊन के चलते वन्यजीवों व बंदरों की भोजन की व्यवस्था कर रहे है।ऐसी परिस्थिति मे बेजुबान जानवरो का सहारा बना हुआ है।

वेलार के विराट जगंल मे पावटी स्थल पर धांसू बंदरों को केले, फल फ्रुट रोटीयों व बिकीट की व्यवस्था करते है और अपने साथियों को साथ जुड कर बंदरों को सुबह शाम रोजाना बंदरों के खाना की व्यवस्था करते है। सेवा प्रमुखो से बातचीत के दौरान श्रवण माली ने बताया कि जब वे मौके पर जाते है।तो बंदरों के झुंड  के झुंड उनके पीछे आ जाते है ।और इसके बाद बंदरों को केले, रोटी, फल फूट खीरा बंदरों को खाने को देते है।भूखे बदंरों को खाना खिलाने से उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलती है।   उनकी अपील है सबकों को इस तरह की पहल करके जीव जतुं, जानवरों के लिए खाने पीने के व्यवस्था करना चाहिए ये हमारे जीवन का धर्म बनता है। श्रवण माली की यह सेवा अपने आप मे गौरवान्वित करती है।

कोठार पूर्व सरपंच थानाराम प्रजापत ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा और भोजन प्रबन्ध में लगे श्रवण माली के प्रयासो की तारीफ़ की।