मुंडारा व डुंगरली गावों की सरहद स्थित खेतों पर रहने वाले ग्रामीणों में पैंथर सहित वन्य जीवों का खोफ़ सप्ताह भर से बरकरार

बाली उपखण्ड के मुंडारा व डुंगरली गावों की सरहद स्थित खेतों पर रहने वाले ग्रामीणों में पैंथर सहित वन्य जीवों का खोफ़ सप्ताह भर से बरकरार है।
आज अलसुबह पैंथर डुंगरली सरहद के बेरा चेलाजी वाला पर एक श्वान का शिकार कर छोड़कर चल दिया।


सुबह बेरा चेलाजी वाला डुंगरली के ग्रामीण भूराराम चौधरी, रामलाल चौधरी, वरदाराम चौधरी, पुनाराम चौधरी, सुरेश चौधरी, देवाराम चौधरी, पूनाराम चौधरी, पकाराम चौधरी, नरपत माली को श्वान के मृत पाये जाने पर मौके पर पहुंचे।ग्रामीणों ने बताया कि पगमार्क के आधार पर गावं के रामदेवजी मंदिर के पास से पैंथर ने श्वान का एक शिकार कर करीबन एक किलोमीटर तक खिंचकर श्वान को बेरा चेलाजी वाला पास छोड़कर चला गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को पैंथर की मौजूदगी से अवगत करवाया गया।सूचना मिलते ही रेंजर चंदनसिंह चौहान, नाकेदार संग्रामसिंह राणावत,भूरसिंह चौहान, मुंडारा सरपंच प्रवीणकुमार वैष्णव ने ग्रामीणों के साथ मौका मुआयना किया।
डुंगरली व मुंडारा की सरहद में सप्ताह भर से पैंथर सहित वन्य जीवों की मौजूदगी से लोगों में दहशत है।डुंगरली स्थित बेरा वल्डा, मुंडारा स्थित रजगा वाला महादेव मंदिर के पीछे स्थित बेरा जलधरा सहित आसपास 3-4 खेतों पर पैंथर व वन्य जीवों के आवाजाही की सूचना मिल रही है।पैंथर के पगमार्क की सूचना पर ट्रेप कैमरा भी लगाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। रेंजर चंदनसिंह चौहान ने ग्रामीणों को बताया कि पैंथर सहित वन्य जीव इन दिनों भोजन पानी की तलाश में भटकते रहते हैं।खेतों पर ग्रामीण सचेत रहें।वन्य जीव से छेड़छाड़ी व नुकसान नहीं पहुचाए।