घाणेराव सीएचसी में मरीजों को नजर आ रही आशा की नई किरण

घाणेराव सीएचसी में मरीजों को नजर आ रही आशा की नई किरण
घाणेराव (पाली), 20 अगस्त 2020
जिले के घाणेराव में संचालित हो रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्जरी के मरीजों के लिए आॅपरेशन की सुविधा मिलने से आसपास के ग्रामीणों को आशा की नई किरण जगी है। हाल ही में केंन्द्र के चिकित्सकों ने एक मरीज का ऐनल फिस्टुला का आॅपरेशन कर नई जिन्दगी दी है।


पाली जिले के देसूरी ब्लाॅक के घाणेराव कस्बे में भामाशाह हिंगड़ परिवार की ओर से लाखों की लागत से अस्पताल का निर्माण करवाया गया। बाद में इस परिवार ने इस अस्पताल को श्रीमती मोहनी देवी जुगराज जी हिंगड राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद््र में संचालित किया गया, जिसमें भामाशाह परिवार की ओर से सरकार को इस अस्पताल में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा इस अस्पताल का मैनेजमेंट भी भामाशाह परिवार की ओर से किया जा रहा है। यही कारण है कि इस अस्पताल की सफाई व्यवस्था एवं अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं देख कर यह नहीं लगता कि यह अस्पताल किसी निजी अस्पताल से कम है। यहीं नही अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्टाफ की नियुक्ति होने से भी मरीजों को काफी सुविधा मिल रही है। वर्तमान में यह अस्पताल आम मरीजों के लिए भी आशा की किरण बना हुआ है। यही कारण है कि इस अस्पताल में अब छोटे-बड़े मरीजों को इलाज आसानी से एवं निःशुल्क हो रहे है। बुधवार को भी इस अस्ताल में एक मरीज का ऐनल फिस्टुला का आॅपरेशन कर राहत प्रदान की गई।
सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने बताया कि राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाणेराव पाली में सर्जरी के मरीजों का नई तकनीक से ऑपरेशन किया जा रहा है हाल ही में ऐनल फिस्टुला का दूरबीन (VAAFT) के जरिए ऑपरेशन किया गया। यह अभी ऐनल फिस्टुला के लिए नई तकनीकी है, जो राजस्थान के गिने-चुने डॉक्टर ही ऑपरेशन करते हैं। यह ऑपरेशन सर्जन डॉ. गिरीश भारद्वाज ने अपनी टीम के साथ ऑपरेशन किया। टीम में निश्चेतन डॉ.पूरण चंद त्रिवेदी व आॅपरेशन थियेटर स्टाफ अशोक व रोशनी आदि शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि इस नई तकनीक से ऐनल फिस्टुला के मरीजों को बहुत फायदा होगा। इसमें मरीज दो दिन में छुट्टी लेकर अपना दैनिक कार्य कर सकता है परंपरागत तकनीक में मरीज को ठीक होने में करीब एक माह का समय लगता है।
अस्पताल के प्रभारी डाॅ.अखिलेश पुरोहित ने बताया कि इस अस्पताल में श्रीमती आशा महेश हिंगड चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से सभी ऑपरेशन दूरबीन के हो रहे हैं तथा प्राइवेट अस्पताल में इसका खर्चा लगभग 80 हजार रुपये पड़ता है अन्य सभी मैनुअल टेक्नोलॉजी से ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐनल फिस्टुला का पाली जिले में यह अपने आप में एक इस तकनीक (VAAFT) का प्रथम ऑपरेशन है।