केन्द्र सरकार के आत्मनिर्भर पैकेज का फायदा जरूरतमंदो को समय पर मिले-कुमावत

केन्द्र सरकार के आत्मनिर्भर पैकेज का फायदा जरूरतमंदो को समय पर मिले-कुमावत सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने जिला कलेक्टर पाली से कमजोर वर्ग, दैनिक मजदूर वर्ग व प्रवासी मजदूर वर्ग के लोगो को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करवाने हेतु मांग की।


विधायक कुमावत ने जिला कलेक्टर पाली अंशदीप से पत्र के माध्यम से अवगत कर बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण 60 दिन से लाॅकडाउन चल रहा है, जिसके कारण राज्य के समस्त उद्योग धन्धें, व्यापार एवं अन्य समस्त प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बंद हो गई है, जिसके फलस्वरूप राज्य में मजदूर, दैनिक रूप से कार्य कर अपनी आजीविका चलाने वाले कामगार, अन्य प्रदेशों से लाॅकडाउन के कारण अपनी आजीविका छोडकर अपने-अपने गांव में आये मजदूर, नौकरीपेशा व्यक्ति बेरोजगार हो गये है। उनके सामने आज दो वक्त के भोजन व अपने परिवार के पालन पोषण का गम्भीर संकट उत्पन्न हो गया है। वर्तमान में जिस तरह से कोरोना वायरस का फैलाव हो रहा है, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस स्थिति को सामान्य होने में काफी समय लगने की सम्भावना है। जो परिवार खाद्य सुरक्षा योजना, बीपीएल योजना, स्टेट बीपीएल योजना, व अन्त्योदय योजना से जुडे हे, उन्हें प्रति व्यक्ति 05 किलो खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इन श्रैणी के व्यक्तियों के अलावा दैनिक कार्य कर मजूदरी करने वाले नाई] धोबी] मोची] घरेलू नौकर] भिखारी] रिक्शा चालक] आॅटों चालक] पान की दुकान] रेस्टोंरेंट में कार्यरत वेटर] रद्दी वाले] निर्माण मजूदर] कोरोना के कारण बंद हुये उद्योगों में लगे हुये मजदूर] माइग्रेट लेबर] ड्राईवर/कंडक्टर (प्राईवेट/पब्लिक ट्रांसपोर्ट)] जूते पाॅलिश करने वाले] स्ट्रीट वेण्डर जो एनएफएसए में नही हो] ठेले/रेहडी वाले] मंदिर में पूजा पाठ करने वाले पंडित] मैरिज पैलेस में काम करने वाले मजदूर] सिनेमा हाॅल में काम करने वाले मजदूर] कोचिंग संस्थानों के सफाई/नौकर का कार्य करने वाले व्यक्ति] बैंड वादक/घोडी वाला] कैटरिंग कार्य से सम्बन्धित कार्मिक आरा मशीन श्रमिक] मिट्टी के बर्तन घडाई का कार्य करने वाले कुम्हार] मन्दिरों के पत्थर घडाई करने वाले सोमपुरा कामगार मजदूर] मध्यम वर्गीय व प्रवासी दिहाडी मजदूरों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खडा हो गया है।
भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज में 20 लाख के राहत पैकेज में दो माह से कोरोना की मार झेल रहे प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त अनाज की आपूर्ति जिसमें प्रति व्यक्ति 05 किलों गेहूं या चावल व 01 किलो दाल हेतु 3500 करोड की योजना की घोषणा की थी] जिसके क्रियान्वयन हेतु राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे आपदा प्रबन्धन हेतु गठित ग्राम स्तरीय कोर ग्रुप व बीएलओ के माध्यम से करवाने के निर्देश दिये थे। सर्वे का कार्य ग्रामीण क्षेत्र में 20-05-2020 व शहरी क्षेत्रों में 24-05-2020 से पूर्व करवाया जाना सुनिश्चित था। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में 20-05-2020 व शहरी क्षेत्रों में 24-05-2020 तय सीमा बीत जाने के उपरान्त भी अभी सर्वे का कार्य अभी तक शुरू नही किया गया है। विधायक कुमावत के कई ग्राम पंचायतो में निरीक्षण में जाने पर ज्ञात हुआ कि अभी ग्राम विकास अधिकारियों के पास सर्वे हेतु किसी तरह के आदेश व परिपत्र (सर्कुलर) प्राप्त नही हुये है। 15 मई को राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा सर्वे का कार्य आदेश करने के बावजूद भी सर्वे कार्य अभी तक शुरू नही हुआ है। वर्तमान में दैनिक मजदूरी का कार्य करने वाले वर्ग में मध्यम वर्ग व प्रवासी मजदूर वर्ग के सामने अपने परिवार के पालन पोषण का गम्भीर संकट है। ऐसी परिस्थिति में प्रशासन द्वारा सर्वे में विलम्ब व लापरवाही इन पीडित परिवारों को भारी पड सकता है।
इस हेतु सर्वे आपदा प्रबन्धन हेतु गठित ग्राम स्तरीय कोर ग्रुप व बीएलओ के माध्यम से सर्वे करवाया जाना अति आवश्यक है] ताकि इस विपदा की घडी में जरूरतमंद को दो वक्त का भोजन मिल सके। जिस पर जिला प्रशासन द्वारा इस पर जल्द ही कार्यवाही कर जरूरतमंदों को मदद दिलवाने का आश्वासन दिया गया।