सिरोही पुलिस ने दिखाई गंभीरता,महज तीन घण्टो में किडनैपर को धर दबोचा

PALI SIROHI ONLINE

11 साल के बच्चे का अपहरण कर मांगी फिरौती,

सिरोही पुलिस ने तीन घंटे में बच्चे को बचाया आरोपी पुलिस गिरफ्त में

सिरोही के शिवगंज पुलिस थाना क्षेत्र में एक 11 साल के बच्चे को फिरौती के लिए अपहरण करने का मामला सामने आया। हालांकि इस घटनाक्रम में पुलिस की गम्भीरता व सजगता काम आई और महज तीन घंटे में अपहरणकर्ता गिरफ्तार हो गया और बच्चा सकुशल परिजनों के पास पहुंच गया।

सिरोही पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्रसिंह यादव ने बताया कि जोधपुर के युवक ने अपने ही परिचित के 11 साल के बच्चे को किडनैप कर लिया। आरोपी ने सोमवार शाम को शिवगंज से घर के पास खेल रहे बच्चे का किडनैप किया और रात करीबन सवा 11 बजे 1.5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी ली। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए देर रात करीब डेढ़ बजे ढोला (पाली) के निकट से आरोपी जोधपुर के शिवरोड रातानाडा निवासी 39 वर्षीय देवेश सोनी को धर दबोचा और बालक को संरक्षण में लिया। पुलिस ने आरोपी की बाइक भी कब्जे में ली।

सिरोही एस पी धर्मेंद्र सिंह

जानकारी के मुताबिक सिरोही जिले के शिवगंज निवासी 11 वर्षीय छात्र मीत सोनी रविवार शाम को 5 बजे लापता हो गया। मीत के पिता लक्ष्मण सोनी व अन्य परिजन मीत को अपने स्तर पर शिवगंज व अन्य जगह ढूंढ़ते रहे, लेकिन नहीं मिला। लापता होने के 6 घंटे बाद करीब सवा 11 बजे एक शख्स का लक्ष्मण सोनी के पास फोन किया। उसने 1.5 करोड़ की फिरौती मांगी। परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने पुलिस और स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा को जानकारी दी। पुलिस ढाबों से किए गए कॉल के आधार पर आरोपी तक पहुंची।

आर्थिक तंगी के चलते अपने ही परिचित के बच्चे का किया अपहरण पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण सोनी का सोने-चांदी का व्यापार है। वहीं अपहरणकर्ता देवेश सोनी भी सोने का कारोबार करता है। लक्ष्मण और देवेश दोनों एक दूसरे को जानते है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सोने के आभूषणों के व्यापार के चलते आरोपी का लक्ष्मण सोनी के यहां आना-जाना भी था। दोनों एक ही जाति के थे। देवेश को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा तो उसने लक्ष्मण सोनी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई। मंगलवार शाम को मीत का अपहरण कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी देवेश ने फिरौती के लिए लक्ष्मण सोनी और उसके परिवार को स्वयं के मोबाइल से फोन नहीं किया। फिरौती के लिए उसने शिवगंज से निकलने के बाद रास्ते में आने वाले ढाबों पर रुक कर दूसरों के नंबर से कॉल किए।