नारलाई में असंभव को संभव कर दिखाया युवा सरपंच मीणा ने भामाशाह के सहयोग से बन गया परिक्रमा मार्ग

नारलाई में असंभव को संभव कर दिखाया युवा सरपंच मीणा ने भामाशाह के सहयोग से बन गया परिक्रमा मार्ग।

देसुरी (जगदीश सिंह गहलोत) ग्राम पंचायत नारलाई में सरपंच शेखर मीणा के नेतृत्व में जैकल नाथ महादेव पहाड़ की परिक्रमा मार्ग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है वही सरपंच के नेतृत्व में युवाओं की एक नई परंपरा सुबह 5:00 बजे परिक्रमा लगाने की पहल शुरू की गई हैं इस पहल में सरपंच शेखर मीणा के साथ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष जगदीशसिंह गहलोत भारत सिंह राव गायक कलाकार प्रकाश माली शिक्षक दीपाराम कुम्हार रमेश कुमार मेघवाल वार्ड पंच रमेश चौधरी पत्रकार ढलााराम हीरागर पोकरराम हीरागर नत्था राम मेघवाल प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह चारण भरत सिंह चारण सूरजभान सिंह सहित हर रोज युवा बढ़ते जा रहे हैं सरपंच मीणा ने बताया कि जैकल नाथ महादेव की परिक्रमा ऐसे ग्यारस एवं पूनम को लोग लगाने को आते हैं परंतु अब मार्ग बन गया है एवं प्राकृतिक सौंदर्य का सुबह-सुबह नजारा देखने को मिलता है वही इस परिक्रमा के दौरान शनि देव चोपा हनुमानजी खेतलाजी गजानंद जी हिंगलाज माता अंगद हनुमान जी मंडोर का भैरू के दर्शन करते हुए जैन तीर्थों के परिक्रमा लगाते हुए बाबा रामदेव मंदिर हनुमान मंदिर दर्शन करते हुए भंवर गुफा पहुंचते हैं ऐसा प्राकृतिक नजारा सुबह-सुबह देखने को भाग्यवान लोगों को मिलता है।

इनका कहना है

जैकल नाथ महादेव पहाड़ परिक्रमा एक अद्भुत नजारा है यहां पर ग्यारस पूनम को बाहर से लोग परिक्रमा लगाते हैं वही जैन समाज द्वारा फागुन महीने की पूनम को जोरदार गाजे-बाजे के साथ परिक्रमा लगाई जाती है जिसमें जैन समाज के अलावा 36 कौम के लोग परिक्रमा लगाते हैं इतिहास मैं ऐसा कहा जाता है कि इस पहाड़ की परिक्रमा लगाना और चारों धाम की परिक्रमा लगाना बराबर है इस पहाड़ में आज भी कहीं देवी देवता एवं ऋषि मुनियों का वास बताया जाता है इस पहाड़ की प्रकृतिक एक तरफ से देखने को हाथी प्रतीत होता है उसी को लेकर इसके ऊपर हाथी की मूर्ति बनाई हुई है शेखर मीणा सरपंच