राजकीय सेवा सुरक्षा के लिए संगठित रहना जरूरी – धर्मेंद्र गहलोत

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राजकीय सेवा सुरक्षा के लिये संगठित रहना जरूरी-घर्मेन्द्र गहलोत

पिण्डवाडा राजकीय सेवा सुरक्षा के लिये संगठित रहना जरूरी। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री घर्मेन्द्र गहलोत ने अपने उद्बोधन में ये उद्गार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभा भवन में प्रकट किये। संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी में गहलोत को मुख्य महामंत्री एवं डॉ. हनवंत सिंह मेडतिया को प्रदेश महामंत्री मनोतित करने पर उपशाखा पिण्डवाडा की ओर से भव्य अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया।

अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते हुये मुख्य महामंत्री गहलोत ने कहा कि जिस प्रकार भरे बाजार में बकरी की छींक न तो किसी को सुनाई देती हैं और यदि सुनाई भी दे तो कोई ध्यान नहीं देता ठीक उसी प्रकार से यदि हमारी राजकीय सेवा की सुरक्षा को लेकर एकजुट नहीं रहे, निजीकरण के ज्वलंत दौर में संगठन के शक्ति ध्वज के नीचे अपनी उपस्थिति को नहीं दर्शाया तो जिस प्रकार से आठवे वेतन आयोग, 17 माह के डी.ए. एरीयर से हाथ धोना पडा उसी प्रकार अपने मुल अधिकारों से भी महरूम होना पडेगा।

प्रदेश मुख्य महामंत्री गहलोत ने कहा कि देश और प्रदेश का कर्मचारी वर्तमान केन्द्र सरकार की नीतियों से सबक ले कि किस तरीके से उसने पुरानी पेंशन योजना 2004 के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिये तो लागु रखी लेकिन देश के कर्मचारियों के लिये शेयर बाजार पर आधारित न्यु पेंशन योजना लागु कर उनके बुढापे की लाठी उनसे छीन ली। उसके बाद इसी केन्द्र सरकार ने आठवे वेतन आयोग के गठन को समाप्त कर भविष्य की आर्थिक उन्नति की कमर तोड दी लेकिन हमने इतिहास से सीख नहीं ली उसके दुष्परिणाम में अब निजीकरण का दौर चलाकर देश के कर्मचारी को चन्द उधोगपतियों का आर्थिक गुलाम बनाने की कवायद चालु की हैं।

शिक्षा का निजीकरण होने के बाद जिन संस्थानों में प्रशासनिक सेवा या किसी स्तर की परीक्षाओं का आयोजन होगा तो उनकी समस्त कलाओं का प्रयोग कर राजनैतिक और व्यक्तिगत पसंद नापसंद आधार पर अधिकारियों की भर्ती से लेकर नियुक्ति पर इनका एकाधिकार स्थापित होगा। जैसे अंग्रेजी हुकुमत में पोलिटिकल एजेंट की नियुक्ति से नियंत्रण होता था वैसे प्रशासनिक नियुक्ति से निजीकरण में नियंत्रण कर देश को गुलाम बनाया जायेगा।

बडा अफसोस है फिर भी हम जागे नहीं तो एक बार फिर से हमारा हजारों करोड का डी.ए. डकार कर फ्री वैक्सीन का थोथा ढोल पीटा जा रहा हैं। आगे यदि हम एक नहीं रहे तो आम परिवार के बेटे बेटी को उसकी योग्यता की नौकरी नसीब होना सम्भव नहीं होगा। अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते हुये प्रदेश महामंत्री डा. हनवंत सिंह मेडतिया ने कहा की संगठन की शक्ति के बलबुते ही हम शिक्षा और अन्य सरकारी संस्थानों के बाजारीकरण का सख्ती से विरोध कर उन्हे हमारे बच्चों के भविष्य की नौकरी के लिये बचा सकते हैं।

जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश खण्डेलवाल ने कहा कि संगठन की संघर्षपूर्ण ठोस कार्यशैली से पदाधिकारियों पर जब भी कोई अनुचित दबाव बना तो प्रदेश पदाधिकारी श्री गहलोत और डा. मेडतिया की वर्षो पुरानी राम-लखन जोडी ने पुरी शक्ति से तत्काल राहत दिलवाने में कभी कसर नहीं छोडी तभी इस भव्य अभिनन्दन समारोह में दोनों के गले में पुष्पहार समा नहीं रहे।
उपशाखा अध्यक्ष मनोहर सिंह चौहान ने अभिनन्दन समारोह में उपस्थ्ति सभी शिक्षक साथियों का आभार प्रकट किया।

अभिनन्दन समारोह में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश खण्डेलवाल, प्रधानाचार्य महोहरलाल मेघवाल, रमेशकुमार मेघवाल, शैतानसिंह खींची, जिला कोषाध्यक्ष हरीराम कलावन्त, रमेश दहिया, गुरूदीन वर्मा, अशोक मालवीय, शान्तिलाल लोहार, अमित लोहार, महेन्द्रसिंह घडिया, राकेश गुप्ता, ब्रह्मानन्द गर्ग, नारायण गर्ग, सोहनलाल जीनगर, लक्ष्मणदान चारण, फतेहकुमार गरासिया, रघुनाथ मीणा, गोविन्द मीणा, दिनेशकुमार मीणा, गणपतसिंह पंवार, नारायणसिंह देवडा, हेमलता पाराशर, मोतीराम गरासिया, धन्नाराम गरासिया, सुरेशकुमार गरासिया, किशोरसिंह, गोपाल रावल, उम्मेद कुंवर, विजय गुप्ता, धनराज लोहार, जयन्तीलाल माली, नरेन्द्रसिंह, महिमा चौधरी, ललिता गरासिया, मोतीराम रेबारी, मगनलाल परिहार, गणपत मालवीय सहित सैकडों शिक्षकों ने मुख्य महामंत्री और महामंत्री का माला पहनाकर स्वागत किया। मंच संचालन जगदीश खण्डेलवाल ने किया।