भारी बारिश आते ही,पिण्डवाड़ा में बंद हो जाते है आने-जाने के रास्ते

PALI SIROHI ONLINE

मालगाड़ी संचालन के परीक्षण के लिए रेलवे फाटक को किया बंद, रेलवे अंडर ब्रिज संख्या 104 तथा 105 से   वाहनों के आवाजाही की है वैकल्पिक व्यवस्था,लेकिन दोनों अंडरब्रिज में पानी भरे रहने से लोगो को भारी असुविधा।

पिंडवाड़ा।महाप्रबंधक डीएफसीसीआईएल अजमेर ,रेलवे मंत्रालय द्वारा एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर उपखंड अधिकारी के स्वीकृति से मालगाड़ियों के संचालन परीक्षण के लिए रेलवे फाटक संख्या 104 को गत 16 जून से आगामी 2 माह के लिए अस्थाई रूप से बंद किया गया है। इस दौरान छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए अंडर ब्रिज संख्या 104 तथा बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए अंडर ब्रिज संख्या 105 की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। फाटक संख्या 104 पिंडवाड़ा शहर को दो भागों में बांटती है। एक भाग पूर्वी जहां पर राजकीय अस्पताल ,नगरपालिका ,तहसील कार्यालय ,राजकीय विद्यालय ,न्यायालय आदि दर्जनों सरकारी कार्यालय के साथ-साथ कस्बे की दो तिहाई आबादी निवास करती है। वहीं फाटक के दूसरी और पश्चिम छोर पर उपखंड कार्यालय, पंचायत समिति ,महिला एवं बाल विकास, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहित दर्जनों कार्यालय के साथ रीको तथा अन्य आवासीय कॉलोनी स्थापित है। इस फाटक 104  को मालगाड़ी परीक्षण तथा ओवर ब्रिज निर्माण के चलते अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया ।

जिससे शहर की घनी आबादी अब एक छोर से दूसरे छोर पर जाने के लिए अंडर ब्रिज 104 तथा 105 का उपयोग करती है। लेकिन अंडर ब्रिज निर्माण में तकनीकी खामियों के कारण हल्की सी बारिश में इन दोनों अंडर ब्रिज में पानी भर जाता है ।करीब  घंटेभर तेज बारिश हो जाए तो इन दोनों अंडर ब्रिज से आवागमन रुक जाता है तथा दोनों छोर पर लंबी वाहनों की कतारें लग जाती है। जिससे लोगों को कई देर तक अंडर ब्रिज पर इंतजार करना पड़ता है । वही अंडर ब्रिज पर रात्रि कालीन में लाइटों की व्यवस्था नहीं होने से चोरों तथा लुटेरों का भी डर बना रहता है ।साथ ही आवागमन के अवरुद्ध होने से दुर्घटना में घायल मरीजों को उपचार के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि भारी बारिश होती है तो पिंडवाड़ा से बाहर जाने तथा बाहर से पिंडवाड़ा आने में कोई भी रास्ता सुरक्षित नहीं है ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था में सुधार कर आवागमन में हो रही परेशानी को दुरुस्त करना चाहिए।हालांकि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या को लेकर रेलवे तथा स्थानीय प्रशासन को अवगत करवाया गया लेकिन प्रशासन की ओर से औपचारिक तौर पर पंपसेट लगवा कर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है ।लेकिन भारी बारिश में ये पम्पसेट का प्रयोग भी विफल हो जायेगा।

वैकल्पिक रास्तों पर नहीं है साइन बोर्ड की व्यवस्था, बाहर से आने वाले लोग हो जाते हैं गुमराह-

रेलवे फाटक संख्या 104 को बंद करने के बाद रेलवे तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा अंडर ब्रिज संख्या 104 तथा 105 के माध्यम से शहर के एक छोर से दूसरे छोर पर आने -जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लेकिन इन रास्तों पर डायवर्जन के साइन बोर्ड सही तरीके से नहीं लगाए हुए हैं। जिससे बाहर से आने वाला व्यक्ति अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए गुमराह हो जाता है। वही इन रास्तों पर रोड लाइट की सुविधा नहीं होने से रात्रि कालीन में लोगों को आने जाने में भारी भय व्याप्त है। साथ ही इस रास्ते पर रपट होने से अत्यधिक बारिश में जल बहाव के कारण भी जनहानी होने की संभावना है। लेकिन रेलवे तथा स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है तथा लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।