मायड़ भाषा में मंच संचालन साझा करने का रिकॉर्ड बनाते रावणा संतोषसिंह धाधल

PALI SIROHI ONLINE

पाली (जगदीश सिंह गहलोत) जाने-माने गायक व मंच संचालन व खासकर मयाड भाषा राजस्थानी भाषा का उपयोग करना बोलना राजस्थान की वीर भूमि का बखान करना दूसरा देश भक्ति,तीसरा संत सत्संग के विषय में बात को प्रुषना ही उद्देश्य रहा है मंच संचालक के रूप में खासकर भजन गायक ओमप्रकाश प्रजापत जसोल के साथ में एक ऐसी जुगल जोड़ी के रूप में काम करना चढ़ावे वह बोलियों के रूप में अपनी अनूठी सांप और अलग पहचान बनाना बहुत बड़ी बात है।

चढ़ावे व बोलियों के लिए खास तौर पर महंगे रूप में बुलाया जाता है हिंदुस्तान के बहुत से अंचल में मंच संचालक के रूप में काम किया है । ऐसे एक मंच के उद्घोषक के रूप में उभरता हुआ सितारा रावणा संतोष सिंह धाधल से जब हमने एक मुलाकात की तो से काफी प्रभावित हुऐ एवं उनके मंच संचालन मायड़ भाषा एवं उनकी बोलने की कला को देख श्रोता भाव विभोर हो जाते हैं धाधल ने राजस्थान दर्शन संवाददाता को बताया कि अभी तक हमने आकाशवाणी कलाकार महेंद्र सिंह पवार छोटू सिंह रावणा ओमप्रकाश प्रजापत जसोल नवरत्न सिंह रावल गजेंद्र राव मोहिदीन मनचला मसूरउद्दीन मनचला विक्की मनचला छवरलाल गहलोत जोग भारती हनुमान सिंह इंदा रमेश माली रामेश्वर माली प्रकाश माली महेंद्र सिंह राठौड़ संत कन्हैया लाल किशोर पालीवाल शिवपुरी गोस्वामी पूनम माली दिनेश राणा आशा वैष्णव नीलम सिंह अलका शर्मा पुष्पा बारोट रेखा नोवी ललिता पवार कविता पवार सरिता खारवाल नीता नायक परमेश्वरी प्रजापत सोनू सिसोदिया सोनू कंवर रावणा अंकुश गहलोत नवीन भाटी गुजराती सहित राजस्थान के जाने-माने गायक कलाकारों के साथ मंच साझा किया है खासकर मायड़ भाषा में मांस को संबोधित करने का एक अलग ही नजारा होता है हम जहां भी जाते हैं वहां लोग हमें सुनने के लिए सैकड़ों की तादाद में पहुंचते हैं यही हमारे लिए गर्व की बात है हम तमाम श्रोताओं का आभार व्यक्त करते है।