देसूरी के नारलाई में श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज का 65 वाँ जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया

देसूरी के नारलाई में श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज का 65 वाँ जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया

देसूरी के नारलाई में श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज का 65 वाँ जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया

नारलाई में रविवार को जैन समाज के पूज्य गच्छाधिपति श्रुतभास्कर सरस्वती उपासक श्रुतज्ञान मंदिर, संरक्षक आचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज का 65 वाँ जन्म दिवस धूमधाम से मनाया मनाया गया। आचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज जैसे ही आदिनाथ मंदिर पहुंचे जैन समाज ने जोरदार स्वागत किया। आचार्य श्री सीधे आदिनाथ मंदिर पहुंचे जहां पर पूजा अर्चना कर देश प्रदेश एवं समाज के लिए कुशलता की कामना की मंदिर से बाहर आते ही जैन समाज कि महिलाओं ने कलश लेकर परिक्रमा कर गुरु वंदना कर आशीर्वाद लिया । आदिनाथ भगवान के जयकारों के साथ गुरुदेव की शोभा यात्रा आदिनाथ मंदिर से रवाना हुई। वहां से शोभायात्रा अजीतनाथजी मंदिर होते हुए सुपारसनाथ मंदिर होते हुए ग्राम पंचायत पहुंची ग्राम पंचायत से शोभा यात्रा दाडम वाला उपासरा पहुंची ।जहां पर जाकर धर्मसभा में परिवर्तित होने के साथ प्रवचन कार्यक्रम आयोजित हुआ ।

नारलाई में रविवार को जैन समाज के पूज्य गच्छाधिपति श्रुतभास्कर सरस्वती उपासक श्रुतज्ञान मंदिर, संरक्षक आचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज का 65 वाँ जन्म दिवस धूमधाम से मनाया मनाया गया। आचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिजी महाराज जैसे ही आदिनाथ मंदिर पहुंचे जैन समाज ने जोरदार स्वागत किया। आचार्य श्री सीधे आदिनाथ मंदिर पहुंचे जहां पर पूजा अर्चना कर देश प्रदेश एवं समाज के लिए कुशलता की कामना की मंदिर से बाहर आते ही जैन समाज कि महिलाओं ने कलश लेकर परिक्रमा कर गुरु वंदना कर आशीर्वाद लिया । आदिनाथ भगवान के जयकारों के साथ गुरुदेव की शोभा यात्रा आदिनाथ मंदिर से रवाना हुई। वहां से शोभायात्रा अजीतनाथजी मंदिर होते हुए सुपारसनाथ मंदिर होते हुए ग्राम पंचायत पहुंची ग्राम पंचायत से शोभा यात्रा दाडम वाला उपासरा पहुंची ।जहां पर जाकर धर्मसभा में परिवर्तित होने के साथ प्रवचन कार्यक्रम आयोजित हुआ ।