बाली पिंडवाड़ा रोड पर तीन टोल नाको से वसूली को लेकर एडवोकेट ने भेजे नोटिस, 15 दिन के अंदर मांगा जवाब

PALI SIROHI ONLINE

बाली। बाली पिंडवाड़ा रोड पर बनाए गए तीन टोल बुतों से स्थानीय लोगों से अवैध टोल वसूली की जा रही है। जिसके लिए कई बार स्थानीय लोगों के द्वारा टोल बूथ पर इस बारे में जानकारी दी। व कई बार उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी सोपे गए। लेकिन कोई प्रभाव नही पड़ा।

इसको लेकर एडवोकेट पूर्णेश बोहरा निवासी भन्दर ने राज्य सरकार को जिला कलेक्टर के माध्यम से व उपखण्ड अधिकारी बाली, प्रबंधक टोल बूथ वरावल, पीडब्ल्यूडी विभाग बाली, परियोजना निदेशक आर एस आर डी सी लिमिटेड यूनिट द्वितीय जोधपुर को नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है।

नोटिस में एडवोकेट बोहरा ने बताया कि स्थानीय लोगों से टोल वसूली नहीं करें लेकिन टोल मैनेजरों द्वारा इस बारे में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, और अवैध टोल वसूली कर रहे हैं, इस टोल वसूली जो कि स्थानीय लोगों से हो रही है, उसको बंद करने के लिए कई बार अधिकारियों को ज्ञापन भेज कर अवैध टोल वसूली के बारे में अवगत करवाया लेकिन कोई फर्क नही पड़ा।

बोहरा ने नोटिस में बताया कि भंदर से बाली व सुमेरपुर आने जाने के लिए पूर्व में बाली पिंडवाड़ा जाने वाली सड़क का उपयोग किया जाता था। जो मंडी द्वारा निर्मित की गई थी। तथा सुमेरपुर के लिए वरावल चौराहा से पश्चिम दिशा की ओर जाने वाली मंडी द्वारा निर्मित सड़क का उपयोग किया जाता था। परंतु पिछले वर्ष बाली पिंडवाड़ा वाया वरावल चौराहा की सड़क को मंडी सड़क से हटाकर राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा पुनः निर्माण कर टोल व्यवस्था के अंतर्गत प्रारंभ किया गया तथा टोल बूथ निर्माण किए और टोल वसूली के लिए टोल बूथ ठेके पर दिए गए। साथ ही बाली से पिंडवाड़ा के बीच तीन टोल नाके स्थापित किए गए। नोटिस में बताया कि उक्त टोल बूथ बनाने के लिए न तो एन एच ए आर के नियमों की पालना की और ना ही एस एच/ए एन एच के नियमों की पालना की, जबकि उक्त नियमों के अनुसार 60 किलोमीटर की दूरी पर ही दूसरे टोल की स्थापना होनी चाहिए तथा 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले ग्रामीणों को 50 रुपये में 84 दिन का फ्री आवागमन पास जारी करें। बल्कि न तो राज्य सरकार द्वारा 60 किलोमीटर पर टोल बूथ बनाया और न हीं 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले ग्रामीणों को 50 रुपये में 84 दिन का फ्री आवागमन पास जारी किया। इससे स्पष्ट है कि सिर्फ अवैध टोल वसूली के लिए उक्त टोल बूथ स्थापित किए गए हैं। जिसे हटाया जाना विधि अनुसार आवश्यक है। नोटिस के अंत में बताया नोटिस के जरिए आपको सूचित किया जाता है कि नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर अंदर तीनों टोल बूथों से स्थानीय वाहनों से टोल वसूली नहीं की जाए एवं वरावल चौराहे पर बनाए गए अवैध टोल बूथ को हटाया जाकर सही दूरी पर बनाया जाए अन्यथा मुझे नोटिस कर्ता द्वारा आपके विरुद्ध न्यायालय में सिविल कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र रहेगा जिसके तमाम खर्च की जिम्मेदारी आपकी रहेगी।