भीमाना में विश्व आदिवासी दिवस पर लोकनृत्य से दिखाई आदिवासी संस्कृति की झलक

पिन्टू अग्रवाल

बाली। नाना के निकट भीमाना गाव में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर विघालय में आदिवासी सस्कृति से जुड़ा सास्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। जिसमें युवा व अन्य लोगों महिला पुरुषो ने लोकगीत व नृत्य से आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के दौरान उपस्थित सभी लोक आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।

विभिन्न पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी ग्रुप झिरी की प्रस्तुति के दौरान भीमाना सरपंच प्रतिनिधि दीपाराम गरासिया और रामपुरा सरपंच कैलाश गरासिया और आमलिया के रतनलाल मीणा भी खुद को रोक नहीं सके। उन्होंने ग्रुप में शामिल होकर नृत्य किया तो भन्दर पूर्व सरपंच दिनेश मीणा भी उत्सवर्धन करने के लिए मंच से उतरे और इस दोरान अन्य कई लोग भी इसमें शामिल हो गए।

समारोह में दीपाराम गरासिया और कैलाश गरासिया ने कहा कि यह दिन हम सभी के लिए गौरवमयी है। उन्होंने शिक्षा के महत्व को बताते हुए बच्चों को स्कूल से जोडऩे का आह्वान किया। दिनेश मीणा भन्दर ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना हम सभी का धर्म है। रतनलाल मीणा आमलिया ने कहा आदिवासी वर्ग के हितों का ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे कठोर कदम उठाने की जरूरत है की जिसका सीधा लाभ प्रत्येक परिवार को मिले।

इस दौरान अतिथियों ने खेल, शिक्षा, कला आदि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस दोरान भिमाना सरपंच गुजरी देवी गरासिया,दीपाराम गरासिया,रामपुरा सरपंच कैलाश गरासिया,आमलिया सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल मीणा,भन्दर पूर्व सरपंच दिनेश मीणा,नाडिया सरपंच मदनलाल,अशोकपाल सिंह मालनु,सहित बड़ी सख्या में लोग मोजूद रहे।