प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए की जा रही व्यवस्था

पाली राजस्थान सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में पाली रेलवे स्टेशन से 1743 प्रवासियों को उत्तर प्रदेश के लिए ट्रेन से रवाना किया गया। इन यात्रियों में पाली, बाड़मेर एवं सिरोही जिलों के यात्री शामिल है।


जिला कलेक्टर अंश दीप ने बताया कि पाली रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के लिए पाली से लगभग 1743 प्रवासियों व श्रमिकों को रेल से रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि अपने घर जाने की जो खुशी होती है वह किसी से छिपी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप एवं आदेशों के तहत इनकों यहां से रवाना किया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे इस विश्व व्यापी बीमारी से स्वयं का तथा अपने परिवारजन का ध्यान रखें तथा जीवन यापन के लिए आवश्यक रोजगार का भी ध्यान रखे और कामकाज शुरू कर आर्थिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाए।
इस मौके पर जिला कलेक्टर अंश दीप एवं जिला पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी, डीआईजी स्टाम्प सावन कुमार चायल, यूआइटी सचिव देशलदान, नगर परिषद के आयुक्त आशुतोष आचार्य, सचिव विक्रमसिंह, मनोज जैन, हिमांशु व्यास सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा राज्य सरकार की ओर से अन्य राज्यों के प्रवासियों के लिए नियुक्त कंट्रोल प्रभारी भी उपस्थित रहे।
रेलवे स्टेशन पर रही विशेष व्यवस्था यहां से रवाना होने से पहले श्रमिकों को जिले के अलग-अलग उपखण्डों से रोडवेज की 10 बसों के माध्यम से पाली रेलवे स्टेशन पर लाया गया। प्रत्येक बस में सोशल डिस्टेसिंग की पालना की गई। रवाना होने से पहले उन्हें मास्क, सनेटाईजर आदि का वितरण भी किया गया। यहां पर उनके टिकट आदि की जांच की गई। इसके उपरान्त उन्हें उनके निर्धारित स्थान पर बैठाया गया। रेलवे स्टेशन पर यूपी जाने वाले सभी श्रमिक तथा उनके परिवार के सदस्यों की पुनः मेडिकल जांच की गई। जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए यहां पर प्रशासनिक अधिकारियों, कार्मिकों को भी नियुक्त किया गया। रेलवे स्टेशन की प्रत्येक गतिविधि में फिजिकल डिस्टेसिंग की पूर्ण पालना की गई।
उत्तर प्रदेश के 18 जिलो के श्रमिक हुए रवाना-
जिला कलक्टर ने बताया कि यू.पी. के 18 जिलो के 1743 लोगों को सूचीबद्व किया गया था। जिसमें पाली जिले के 1425, बाड़मेर के 113 एवं सिरोही के 205 यात्री ने सफर किया। जिसमें आगरा, औरया, चंदौली, इटावा, फारूखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गाजीपुर, जोनपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशाम्बी, मणिपुर, मथुरा, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी जिले के रहने वाले है। यह टेªन आगरा, कानपुर, प्रयागराज एवं वाराणासी रेलवे स्टेशन पर रूकेगी।
जनप्रतिनिधियों ने भी की प्रशंसा राज्य सरकार की इस पहल को जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान जिले में फंसे इन श्रमिकों की घर वापसी हो रही है इसके लिए सरकार और जिला प्रशासन के कार्य वास्तव में प्रशंसा योग्य है। जनप्रतिनिधि विधायक ज्ञानचन्द पारख, समाजसेवी महावीरसिंह सुकरलाई, जीवराज बोराणा, प्रकाश सांखला, महेबुब टी, हकीम भाई सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। महावीरसिंह सुकरलाई की तरफ से यात्रियों के लिए पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई। वही रोटी बैंक द्वारा भोजन के पैकेट उपलब्ध करवाएं गए।
रेलवे स्टेशन पर यह रहा नजारा –
पाली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आंखों में अपने घर जाने की खुशी दिखाई दी। कोई अपने मोबाइल से अपने परिवारजनों को पाली से रवानगी की सूचना देने में व्यस्त था तो कोई रास्तें में जरूरत के लिए खाने के भोजन पैकेट और पीने के लिए पानी की व्यवस्था में मग्न रहा। यात्रियों ने प्रशासन की और से की गई व्यवस्थाओं के प्रति खुशी जाहिर कर धन्यवाद ज्ञापित किया। उतर प्रदेश जाने वाले प्रवासी व श्रमिक तथा उनके परिवार के सदस्यों ने प्रदेश के मुखिया श्री अशोक गहलोत की पहल को सराहनीय बताया।
अन्य राज्यों के लोगों का भी हो रहा है सर्वे –
जिला कलक्टर अंश दीप ने कहा कि यू.पी. के ओर भी कई प्रवासी एवं श्रमिक अभी भी जिले में शेष रह चुके है उनका पंजीयन करवाया जा रहा है। सोमवार एक ट्रेन पश्चिमी बंगाल हावड़ा के लिए पाली रेलवे स्टेशन से प्रातः 10 बजे रवाना होगी एवं उत्तर प्रदेश के लखनाउ, फेजाबाद, गौरखपुर व मऊ के लिए 19 मई को प्रातः 11 बजे ट्रेन रवाना होगी। जिनकी जाने की व्यवस्था सरकार के आदेशों के बाद कर दी जाएगी। इसी प्रकार बिहार या अन्य राज्यों के लोगों का चिन्हिकरण कर लिया गया है। उनके जाने या रूकने का सर्वे करवाया जा रहा है फाईनल होते ही सरकार से मार्गदर्शन लेकर उनको भिजवाने की कार्यवाही की जाएगी।