पाली जिले में सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 अभियान का आगाज से

जिले में सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 अभियान का आगाज 22 मार्च सोमवार से

आरसीएचओ डाॅ.उजमा जबीन ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों और गर्भवतियों का टीकाकरण करना है जो किसी ना किसी कारण से नियमित टीकाकण कार्यक्रम से छूटे हुए हैं। इसके लिए ऐसे उप स्वास्थ्य केंद्र जिनका पूर्ण टीकाकरण 95 फीसदी से कम है उनके अधीन आने वाले गांवों की पहचान करके उन जगहों पर विशेष टीकाकरण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। ऐसी शहर की कच्ची बस्तियां, झुग्गियां, निर्माण स्थल, श्रमिक बस्तियां, दुर्गम क्षेत्रों, छोटे गांव -ढाणियां, ईंट भट्टों,घुमक्कड़ प्रजाति के लोग या ऐसे क्षेत्र के लोग जो टीकाकरण नहीं कराते हैं। टीकों से छूट रहे बच्चों व गर्भवतियों का हैड काउंट सर्वे कराकर ड्यू लिस्ट तैयार की गई है। ऐसे चिन्हित क्षेत्रों के हिसाब से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सत्रों की कार्य योजना बनाई गई है। अभियान में अन्य संबधित विभागों और संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।

पाली जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से छूटे व ड्रॉप आउट दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए 22 मार्च सोमवार से सघन मिशन इन्द्रधनुष 3.0 अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ होगा।
सीएमएचओ डॉ.आरपी मिर्धा ने बताया कि सघन मिशन इन्द्रधनुष 3.0 अभियान में द्वितीय चरण के तहत पाली जिले में 156 सत्रों पर टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सोजत ब्लाॅक में सर्वाधिक 36 सेशन आयोजित कर टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसी तरह सुमेरपुर ब्लाॅक में 23, बाली ब्लाॅक में 22, रोहट, देसूरी, खारची ब्लाॅक में 13-13, जैतारण ब्लाॅक में 12, पाली शहरी क्षेत्र में 9, रायपुर ब्लाॅक में 7, पाली ब्लाॅक में 5 तथा रानी ब्लाॅक में 3 सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान में छूटे हुए दो साल तक के बच्चों को जिन 10 जानलेवा बीमारियों से बचाव के टीके निःशुल्क लगाए जाएंगे। इनमें पोलियो, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, गलघोंटू, काली खांसी, निमोनिया, टिटनेस, मेनिनजाटिस खसरा, रूबेला, रोटा वायरस दस्त से बचाव के टीके शामिल हैं। इनके अलावा टीकों से वंचित गर्भवतियों को भी अलग से संबधित टीके लगाए जाएंगे।