तेज गर्मी में लू-तापघात से आमजन बरते सावधानी- पाली सीएमएचओ

पाली, 2 जून जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए आमजन सावधानी बरतें। इसके लिए सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही उन्होंने लू-तापघात होने की आशंका के चलते प्रभावितों को तुरंत राहत देने के निर्देश दिए हैं।

सीएमएचओ डाॅ.रामपाल मिर्धा ने बताया कि अत्यधिक गर्मी व सूखे मौसम में लू-तापघात होने की आशंका बढ़ गई है। इसलिए आमजन को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने इस क्रम में चिकित्सकों-नर्सिंग स्टाफ व आशा सहयोगिनियों के माध्यम से आमजन में जागरुकता लाने व बचाव के साथ-साथ प्राथमिक उपचार सिखाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी अस्पतालों में लू-तापघात के रोगियों के लिए कुछ बैड आरक्षित रखते हुए वहां कूलर व शुद्ध पेयजल की व्यवस्थाएं संस्थान में रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन दवाइयां रखने के निर्देश दिए हैं।
लू-तापघात के लक्षणः-
सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने बताया कि शरीर में लवण व पानी अपर्याप्त होने पर विषम गर्म वातावरण में लू व तापघात से सिर का भारीपन व अत्यधिक सिरदर्द होने लगता है। इसके अलावा अधिक प्यास लगना, शरीर में भारीपन के साथ थकावट, जी मिचलाना, सिर चकराना व शरीर का तापमान बढ़ना (105 एफ या अधिक), पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना, त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना व बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि लक्षण आने लगते हैं।
रोगी का तत्काल करें प्राथमिक उपचार
डाॅ. मिर्धा ने बताया कि लू-तापघात से प्रभावित रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लेटा दिया जावे। रोगी को होश मे आने की दशा मे उसे ठण्डा पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पन्ना दें। प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिए यदि सम्भव हो तो उसे ठण्डे पानी से नहलाएं या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं, जब तक की शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है। उन्होंने बताया कि यदि उक्त सावधानी के बाद भी मरीज ठीक नहीं होता है, तो उसे तत्काल निकट की चिकित्सा संस्थान ले जाया जाए।
बचाव के लिए बरतें सावधानियां
सीएमएचओ ने आमजन से अपील की है कि जहां तक सम्भव हो धूप में न निकले, धूप में शरीर पूर्ण तरह से ढ़का हो। धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़ों का उपयोग करें। बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन भरे कमरों से बचें, रेल बस आदि की यात्रा अत्यावश्यक होने पर ही करें, बिना भोजन किये बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पी कर ही बाहर निकलें। गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को गमछे या तौलिये से ढ़क कर ही धूप में निकलें। रंगीन चश्में एवं छतरी का प्रयोग करें। गर्मी मे हमेशा पानी अधिक मात्रा मे पीएं एवं पेय पदार्थो जैसे निम्बू पानी, नारियल पानी, ज्यूस आदि का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि लू.तापघात के किसी रोगी की जानकारी देने के लिए कण्ट्रोल रूम से सम्पर्क किया जा सकता है।